कामसूत्र एड से मचा दिया था बवाल, 90 के दशक की बिंदास गर्ल पूजा बेदी की अनसुनी कहानी
90 के दशक की बोल्ड एक्ट्रेस की लिस्ट में शुमार पूजा बेदी 11 मई को अपना 56वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। जब बॉलीवुड की हीरोइनों के लिए 'शर्मीली' और 'घरेलू' होना सफलता की गारंटी माना जाता था। उसी दौर में पूजा बेदी ने न केवल अपनी शॉर्ट ड्रेसेस से बल्कि अपनी बेबाक राय और बोल्ड फैसलों से पूरे देश को चौंका दिया।
11 मई 1970 को जन्मी पूजा बेदी मशहूर अंतरराष्ट्रीय अभिनेता कबीर बेदी और ओडिसी नृत्यांगना प्रोतिमा बेदी की बेटी हैं। पूजा को उनकी फिल्मों से ज्यादा उनकी 'बिंदास' इमेज के लिए जाना जाता है। आइए उनके जीवन के उन पन्नों को पलटते हैं जिन्होंने 90 के दशक में इंटरनेट पर आग लगा दी थी।
साल 1991 में पूजा बेदी ने फिल्म 'विषकन्या' से बॉलीवुड में कदम रखा था, लेकिन फिल्म से ज्यादा चर्चा उनके एक विज्ञापन की हुई। यह विज्ञापन था 'कामसूत्र कंडोम' का। आज के दौर में कंडोम के विज्ञापन सामान्य लग सकते हैं, लेकिन 33 साल पहले यह किसी 'परमाणु विस्फोट' से कम नहीं था।
इस विज्ञापन में पूजा बेदी मॉडल मार्क रॉबिनसन के साथ शॉवर के नीचे बेहद बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। विज्ञापन का उद्देश्य एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना था, लेकिन तत्कालीन समाज और सेंसर बोर्ड इसे पचा नहीं पाया। सरकारी चैनल दूरदर्शन ने इसे 'अश्लील' करार देते हुए तुरंत बैन कर दिया।
कई निजी चैनलों ने भी पूजा बेदी के इस एड को टेलीकास्ट करने से मना कर दिया था। पूजा बेदी पहली ऐसी मुख्यधारा की एक्ट्रेस थीं जिन्होंने इस तरह के प्रोडक्ट को एंडोर्स करने की हिम्मत दिखाई थी।
पूजा बेदी को असली स्टारडम मिला आमिर खान की कल्ट क्लासिक फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' से। फिल्म में उन्होंने 'देविका' नाम की एक अमीर और आधुनिक लड़की का किरदार निभाया था। फिल्म का गाना 'पहला नशा' आज भी हर प्रेमी की जुबां पर है, लेकिन उस गाने में पूजा बेदी का रेड स्कर्ट वाला सीन हॉलीवुड स्टार मर्लिन मुनरो की याद दिला गया।
इस फिल्म में आमिर खान के साथ उनके 'लिपलॉक' सीन ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उस दौर में पूजा बेदी को 'यंगिस्तान की धड़कन' कहा जाने लगा था।
विरासत में मिली थी बेबाकी
पूजा की रगों में विद्रोह और कला का खून दौड़ता था। उनकी मां प्रोतिमा बेदी अपने जमाने की सबसे चर्चित हस्तियों में से एक थीं, जो अपनी 'स्ट्रीकिंग' की वजह से चर्चा में रही थीं। पूजा ने कभी अपनी मां या पिता की परछाई में जीने की कोशिश नहीं की। उन्होंने 'लुटेरे', 'फिर तेरी कहानी याद आए' और 'शक्ति' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन जल्द ही उन्होंने महसूस किया कि वह कैमरा के पीछे या बातचीत में ज्यादा माहिर हैं।
फिल्मी पर्दे से दूरी बनाने के बाद पूजा बेदी ने खुद को एक सफल कॉलमनिस्ट, टॉक शो होस्ट और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में स्थापित किया। उन्होंने 'बिग बॉस' जैसे रियलिटी शोज में भी अपनी बेबाकी का परिचय दिया। आज उनकी बेटी अलाया एफ बॉलीवुड में अपनी जगह बना रही हैं और पूजा एक गौरवान्वित मां के रूप में अपनी दूसरी पारी एन्जॉय कर रही हैं।
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