ऋषि कपूर के निधन के बाद नीतू कपूर ने झेली ट्रोलिंग, बयां किया मुश्किल दौर और वापसी का सच
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीतू कपूर अपनी सादगी और जिंदादिली के लिए जानी जाती हैं। लेकिन पिछले कुछ साल उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। साल 2020 में अपने पति और दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर को खोने के बाद नीतू ने न केवल व्यक्तिगत क्षति झेली, बल्कि उन्हें समाज और सोशल मीडिया की उस कड़वाहट का भी सामना करना पड़ा।
हाल ही में सोहा अली खान के यूट्यूब शो 'ऑल अबाउट हर' में नीतू कपूर ने अपनी बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी के साथ शिरकत की। इस दौरान उन्होंने उन गहरे जख्मों को कुरेदा जो ऋषि जी के जाने के बाद उन्हें मिले थे। ऋषि कपूर के निधन के दो साल बाद नीतू कपूर ने फिल्म 'जुग जुग जियो' से बड़े पर्दे पर वापसी की थी।
नीतू की इस वापसी का जहां प्रशंसकों ने स्वागत किया, वहीं इंटरनेट पर एक वर्ग ऐसा भी था जिसने उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया। लोगों ने सवाल उठाए कि "पति की मौत के इतनी जल्दी बाद वह काम पर कैसे लौट सकती हैं?" इस पर बात करते हुए नीतू भावुक हो गईं।
उन्होंने कहा, यह बहुत ही भयानक और दर्दनाक था। लोग कह रहे थे कि देखो पति मर गया और यह काम पर भाग रही है। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मैं किस दौर से गुजर रही थी। मैंने वह काम अपनी खोई हुई हिम्मत वापस पाने के लिए किया था।
नीतू कपूर ने अपनी जिंदगी के उस काले अध्याय से भी पर्दा उठाया जिसके बारे में लोग अनजान थे। उन्होंने बताया कि ऋषि जी के जाने के बाद वह एक-दो महीने तक सो नहीं पाई थीं। गम को कम करने के लिए उन्होंने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया था। नीतू ने बताया, मैं अपने दिमाग को सुन्न करना चाहती थी ताकि सो सकूं। मुझे वह वर्जन पसंद नहीं आ रहा था क्योंकि मैं हमेशा से सेहत के प्रति जागरूक रही हूं।
हालात इतने बिगड़ गए थे कि नीतू को डॉक्टरी मदद लेनी पड़ी। उन्होंने बताया कि एक महिला डॉक्टर रात 11 बजे उनके घर आती थीं और उन्हें इंजेक्शन देकर सुलाती थीं। यह सिलसिला करीब 10-12 दिनों तक चला, जिसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और काम की ओर कदम बढ़ाया।
करण जौहर ने दी थी काम करने की सलाह
नीतू ने बताया कि उस कठिन दौर में फिल्म निर्माता करण जौहर ने उनका साथ दिया। करण ने ही उन्हें सुझाव दिया कि वह काम शुरू करें ताकि उनका ध्यान भटक सके। फिल्म 'जुग जुग जियो' की शूटिंग के दौरान नीतू काफी घबराई हुई थीं, लेकिन उस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया। आज वह खुद को पहले से कहीं ज्यादा स्वतंत्र महसूस करती हैं।
अपनी लाइफ के इस नए फेज में नीतू ने एक मंत्र अपना लिया है—"सानू की" (हमें क्या?)। वह कहती हैं कि अगर लोग उनसे पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं, तो वह उनसे पूछती हैं "तौनु की" (तुम्हें क्या?)। नीतू का मानना है कि हर किसी का शोक मनाने का तरीका अलग होता है और किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह दूसरे के गम या उसकी पसंद पर सवाल उठाए।
बता दें कि ऋषि कपूर और नीतू कपूर की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे चहेती जोड़ियों में से एक रही है। 22 जनवरी 1980 को शादी के बंधन में बंधने वाले इस जोड़े ने 'अमर अकबर एंथनी', 'खेल खेल में' और 'कभी-कभी' जैसी कई हिट फिल्में दीं। साल 2018 में ऋषि कपूर को ल्यूकेमिया का पता चला था, जिसके बाद न्यूयॉर्क में उनका लंबा इलाज चला। 30 अप्रैल 2020 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
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