धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दो धड़ों में बंटा बॉलीवुड, रणवीर शौरी ने उठाए सवाल
देशभर में गहराते NEET पेपर लीक विवाद और लगातार तेज होते छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 25 जुलाई को पद से इस्तीफे की घोषणा के बाद देशभर के छात्रों के बीच जश्न का माहौल है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस फैसले के बाद बॉलीवुड और देश की नामचीन हस्तियां दो धड़ों में बंटती नजर आ रही हैं।
एक तरफ जहां कई बड़े सेलेब्स छात्रों और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रमुख हस्तियों ने इस फैसले की टाइमिंग और सरकार के रुख पर निराशा व्यक्त की है।
छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे बड़े फिल्मी चेहरे
छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देश के कोने-कोने से भारी जनसमर्थन मिला। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कई फिल्मी और संगीत जगत की हस्तियां खुद सड़कों पर उतरीं। शबाना आजमी, प्रकाश राज और रैपर हनुमानकाइंड दिल्ली के विरोध प्रदर्शन स्थलों पर पहुंचे और छात्रों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाई।
सोनाक्षी सिन्हा, विजय वर्मा, दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कमल हासन और गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन का खुलकर समर्थन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
रणवीर शौरी और तारा देशपांडे का अलग नजरिया
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर अभिनेता रणवीर शौरी और अभिनेत्री व पूर्व MTV VJ तारा देशपांडे का रुख बिल्कुल अलग रहा। दोनों ही हस्तियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के समय और तरीके पर सवाल उठाए।
Yes, but should have done it before the streets were held hostage. Now it seems supporters will not be heard, but “cockroaches” on streets will! https://t.co/OGwcUXxkO8
— Ranvir Shorey (@RanvirShorey) July 25, 2026
रणवीर शौरी का तीखा हमला
रणवीर शौरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक GIF शेयर करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा कि सरकार ने इस एक कदम से अपने विरोधियों को भले न जीता हो, लेकिन अपने कई वफादार समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया है।
जब यूजर्स ने उनसे पूछा कि क्या पेपर लीक मामले में मंत्री को पद पर बने रहना चाहिए था, तो शौरी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा, अगर इस्तीफा देना ही था, तो सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले दिया जाना चाहिए था। अब ऐसा संदेश जा रहा है कि सरकार समर्थकों के सुझावों के बजाय सड़कों पर हंगामे की भाषा बोलने वालों के दबाव में फैसले ले रही है।
Sad. A minister who served many portfolios over a long career. He played a leading role in implementing the Pradhan Mantri Ujjwala Yojana, which expanded LPG connections to millions of low-income households. He oversaw reforms such as the PAHAL direct benefit transfer for LPG… https://t.co/F10CECVzj8
— Tara Deshpande (@Tara_Deshpande) July 25, 2026
तारा देशपांडे ने याद दिलाए पुराने योगदान
जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू के विचार को साझा करते हुए तारा देशपांडे ने धर्मेंद्र प्रधान के लंबे प्रशासनिक करियर की सराहना की। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के काम का मूल्यांकन केवल एक विवाद के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
तारा ने उनके द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों का जिक्र किया। जिसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, PAHAL योजना, HELP नीति, कोविड के समय इस्पात और शिक्षा मंत्रालय का कुशल प्रबंधन शामिल है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने कठिन परिस्थितियों में भी मंत्रालयों को बेहतर ढंग से चलाया, इसलिए उनके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

