79 साल की हुईं मुमताज, कभी दारा सिंह संग कीं स्टंट फिल्में, फिर बनीं बॉलीवुड की नंबर 1 एक्ट्रेस
60 और 70 के दशक में अपनी नटखट अदाओं, चुलबुले अंदाज और बेमिसाल अभिनय से स्क्रीन पर आग लगाने वाली बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा मुमताज आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में राज करती हैं। 31 जुलाई 1947 को मुंबई में जन्मी मुमताज ने महज 12 साल की नन्हीं उम्र में ही मायानगरी की चकाचौंध में कदम रख दिया था।
एक एक्स्ट्रा कलाकार से लेकर बॉलीवुड की सबसे महंगी और सफल मुख्य अभिनेत्री बनने का मुमताज का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम रोमांचक नहीं है। मुमताज का शुरुआती दौर संघर्षों से भरा रहा। करियर की शुरुआत में उन्हें मुख्य भूमिकाएं नहीं मिलीं, इसलिए उन्होंने स्टंट और एक्शन फिल्मों का रुख किया। साठ के दशक में उन्होंने पहलवान और अभिनेता दारा सिंह के साथ कई स्टंट फिल्मों जैसे 'फौलाद', 'वीर भीमसेन', 'टार्ज़न कम्स टू दिल्ली' में काम किया।
उस दौर में जब बड़ी अभिनेत्रियां इन फिल्मों में काम करने से हिचकिचाती थीं, तब मुमताज और दारा सिंह की जोड़ी ने लगातार 16 फिल्मों में साथ काम किया, जिनमें से 10 से अधिक फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं।
विलेन के किरदार और गानों से लूटी महफिल
साल 1965 में आई फिल्म 'मेरे सनम' मुमताज के करियर का एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य नायिका की नहीं, बल्कि एक खलनायिका की भूमिका निभाई थी। इसी फिल्म में आशा भोंसले की सुरीली आवाज और ओपी नैय्यर के संगीत से सजा उन पर फिल्माया गीत "ये है रेशमी जुल्फों का अंधेरा ना घबराइये" रातों-रात लोगों की जुबां पर चढ़ गया।
इसके बाद 1967 में आई फिल्म 'पत्थर के सनम' में मनोज कुमार और वहीदा रहमान की मौजूदगी के बावजूद मुमताज ने सह-नायिका के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी। फिल्म में उन पर फिल्माया आइटम सॉन्ग "ऐ दुश्मन जान" सुपरहिट रहा और मुमताज को पहचान मिलने लगी।
'राम और श्याम' से 'दो रास्ते': सुपरस्टारडम का शानदार आगाज
साल 1967 में रिलीज हुई दिलीप कुमार स्टारर फिल्म 'राम और श्याम' बतौर मुख्य अभिनेत्री मुमताज की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म बनी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। निर्माता-निर्देशक राज खोसला की क्लासिकल फिल्म 'दो रास्ते' (1969) ने मुमताज के अभिनय का सितारा चमका दिया। इस फिल्म की ऐतिहासिक सफलता ने न सिर्फ मुमताज बल्कि उनके साथ नजर आए अभिनेता राजेश खन्ना को भी रातों-रात सुपरस्टार के पायदान पर खड़ा कर दिया।
राजेश खन्ना और मुमताज: बॉक्स ऑफिस की सबसे सफल जोड़ी
हिंदी सिनेमा के इतिहास में अगर सबसे लोकप्रिय और सफल जोड़ियों की बात हो, तो राजेश खन्ना और मुमताज का नाम सबसे ऊपर आता है। दोनों ने एक साथ लगभग 8 फिल्मों में काम किया—जैसे 'सच्चा झूठा', 'आप की कसम', 'रोटी', 'दुश्मन', और 'प्रेम नगर'। दिलचस्प बात यह है कि राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माए गए लगभग सभी गाने सुपरहिट रहे और इनकी जोड़ी वाली लगभग सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं।
शादी, बॉलीवुड से दूरी और वापसी की कोशिश
अपने करियर के चरम पर, साल 1974 में मुमताज ने बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना बेहद कम कर दिया। साल 1977 में रिलीज हुई फिल्म 'आइना' उनके शुरुआती करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई, जो बदकिस्मती से बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
लगभग 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, साल 1989 में फिल्म 'आंधियां' से मुमताज ने बॉलीवुड में अपनी दूसरी पारी शुरू करने की कोशिश की, लेकिन यह फिल्म भी दर्शकों को खींचने में नाकाम रही। इसके बाद उन्होंने अभिनय से पूरी तरह दूरी बना ली।
सोशल मीडिया पर आज भी बिखेर रही हैं वही चमक
लगभग दो दशक लंबे अपने सिनेमाई करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम करने वाली मुमताज भले ही आज बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से जुड़ी रहती हैं। उनकी तस्वीरें और वीडियो अक्सर इंटरनेट पर ट्रेंड करते हैं।

