‘लव आज कल’ के 17 साल पूरे, क्यों मीरा पंडित के लिए दीपिका पादुकोण थीं इम्तियाज अली की पहली पसंद?
भारतीय सिनेमा में अगर आधुनिक प्रेम, उलझनों और बदलते रिश्तों को किसी फिल्म ने सबसे खूबसूरती से समझा, तो वह थी निर्देशक इम्तियाज अली की आइकॉनिक फिल्म 'लव आज कल'। इस फिल्म को रिलीज हुए 17 साल का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी जब आधुनिक दौर के प्यार की बात होती है, तो 'मीरा पंडित' का जिक्र सबसे पहले आता है।
बॉलीवुड में अपनी अनूठी कहानी कहने की शैली के लिए जाने जाने वाले इम्तियाज अली ने इस फिल्म में 'मीरा' के रूप में दीपिका पादुकोण को कास्ट किया था। इम्तियाज का मानना था कि दीपिका इस किरदार के लिए सिर्फ एक पसंद नहीं, बल्कि 'परफेक्ट चॉइस' थीं।
दीपिका की 'खामोशी' और मीरा पंडित की मासूमियत
इम्तियाज अली ने एक इंटरव्यू में मीरा के किरदार पर बात करते हुए कहा था, "दीपिका मीरा के किरदार के लिए बिल्कुल सटीक थीं, क्योंकि उनके पास खामोशी का एक बहुत ही अनोखा सेंस है।"
फिल्म के कई सीन ऐसे हैं जहां दीपिका बिना एक शब्द बोले सिर्फ अपनी आंखों और हाव-भाव से गहरी भावनाएं बयां कर देती हैं। चाहे लंदन की सड़कों पर प्यार की तलाश हो या दिल्ली के पुराने स्मारकों के बीच व्यावहारिक फैसले लेने की मजबूरी, दीपिका ने मीरा को ऐसे जीवंत किया कि दर्शक उनसे सीधे जुड़ गए।
स्टीरियोटाइप्स को तोड़कर बनीं एक 'ट्रेलब्लेजर'
साल 2000 के दशक में, जब बॉलीवुड में महिला किरदारों को अक्सर सिर्फ मुख्य अभिनेता के रोमांटिक इंटरेस्ट के रूप में दिखाया जाता था, तब 'मीरा पंडित' एक नई मिसाल बनकर उभरीं। मीरा एक स्वतंत्र और महत्वाकांक्षी महिला थी, जो अपने पेशेवर जीवन (कैनर्वेशन एक्सपर्ट) को बहुत गंभीरता से लेती थी।
वह प्यार को तवज्जो देती थी, लेकिन अपने सपनों और करियर की बलि चढ़ाकर नहीं। फिल्म ने बहुत खूबसूरती से दिखाया कि कैसे टेक्नोलॉजी, दूरी और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच प्यार का स्वरूप बदल रहा था। मीरा का जीवन के प्रति नजरिया इमोशन और प्रैक्टिकल सोच का एक अद्भुत संतुलन था।
दिल्ली से लंदन तक: दीपिका की खट्टी-मिट्ठी यादें
दीपिका ने कहा था, मेरा मानना है कि मीरा अंदर और बाहर दोनों तरफ से बेहद खूबसूरत थी। उस समय देश और दुनिया की कई युवा महिलाएं इस किरदार से खुद को जोड़ पाईं। दिल्ली और लंदन में शूटिंग के दौरान बिताए गए वो महीने आज भी मेरे चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं।
जब इम्तियाज अली ने दीपिका के लिए तोड़ा अपना सबसे बड़ा नियम
फिल्म इंडस्ट्री में इम्तियाज अली का एक खास नियम माना जाता था—वे कभी भी किसी एक्टर के साथ दोबारा काम नहीं करते थे। लेकिन दीपिका पादुकोण की बेहतरीन अदाकारी और उनके काम के प्रति समर्पण ने इम्तियाज को अपना यह नियम बदलने पर मजबूर कर दिया।
'लव आज कल' की जबरदस्त सफलता के बाद, इम्तियाज ने साल 2015 में आई फिल्म 'तमाशा' में दीपिका को दोबारा कास्ट किया। इस फिल्म में दीपिका ने 'तारा माहेश्वरी' का किरदार निभाया, जो आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे संवेदनशील और यादगार महिला किरदारों में गिना जाता है।

