'लॉक अप सीजन 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, ट्रॉफी के साथ मिली इतने करोड़ की प्राइज मनी
रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सज़ा' का ग्रैंड फिनाले बेहद धमाकेदार और हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरपूर रहा। हफ्तों के कड़े मुकाबले, बहसों और तीखी रणनीतियों के बाद आखिरकार शो को अपनी विजेता मिल गई है। अपने बिंदास और बेबाक अंदाज़ से पूरे सीजन में छाए रहने वाली श्रेया कालरा ने 'लॉक अप सीजन 2' का खिताब अपने नाम कर लिया है।
एकता कपूर ने ग्रैंड फिनाले में श्रेया कालरा के नाम की घोषणा की। ट्रॉफी के साथ श्रेया को करोड़ रुपये की इनामी राशि भी दी गई। इस मुकाबले में लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री शिवांगी जोशी फर्स्ट रनर-अप रहीं, जबकि रियलिटी शो स्टार योगेश रावत सेकंड रनर-अप बनकर उभरे।
राम कपूर और शिल्पा शिंदे का चौंकाने वाला एविक्शन
फिनाले का दिन दर्शकों के लिए काफी चौंकाने वाला रहा, जब ट्रॉफी के दो सबसे मजबूत दावेदार—राम कपूर और शिल्पा शिंदे—फिनाले रेस के अंतिम पड़ाव पर आकर बाहर हो गए। टॉप 5 प्रतियोगियों राम, शिल्पा, श्रेया, शिवंगी और योगेश को एक पजल टास्क दिया गया था। इस टास्क में सबसे अधिक गलतियां करने के कारण दिग्गज अभिनेता राम कपूर 5वें स्थान पर बाहर हो गए।
इसके बाद टॉप 4 के बीच 'टर्मिनेटेड' लिखे बॉक्स का खेल हुआ। योगेश रावत और अन्य प्रतियोगियों ने चतुराई से गेम खेलते हुए शिल्पा शिंदे को ऐसा डिब्बा चुनने पर मजबूर कर दिया, जिससे शिल्पा चौके स्थान पर एलिमनेट हो गईं।
ट्रॉफी के निर्णय से पहले जूरी और मीडिया प्रोफेशन्स के साथ पूर्व प्रतियोगियों ने टॉप 3 खिलाड़ियों से कड़े सवाल पूछे। जूरी ने योगेश रावत को शो के दौरान उनके घमंडी रवैये और एटीट्यूड के लिए आड़े हाथों लिया। शिवांगी पर सह-प्रतियोगी हर्षद चोपड़ा को मैनिपुलेट करने और उनका फिनाले स्पॉट छीनने का आरोप लगा। इस दौरान अभिनेत्री मन्नारा चोपड़ा ने भी शिवांगी से उनके रिश्तों पर स्पष्टीकरण मांगा।
विजेता बनने से ठीक पहले श्रेया को उनकी तीखी भाषा और राम कपूर पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर जूरी का सामना करना पड़ा। यही नहीं, इन्फ्लुएंसर आवेज दरबार ने भी शो में आकर श्रेया पर उनके इमेज को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
तमाम तीखे सवालों के बाद जूरी वोट्स के आधार पर योगेश रावत तीसरी पोजीशन पर बाहर हुए। अंतिम फैसला एक्स-कंटेस्टेंट्स, जूरी और जेलरों के वोट से हुआ, जिसमें श्रेया ने बाजी मार ली। श्रेया कालरा का यह सफर आसान नहीं था। पहले ही दिन राम कपूर से हुई बहस के कारण उन्हें 'बदतमीज' का टैग मिला और वह घर की सबसे नापसंद सदस्य बन गई थीं।

