'L7' बैंड की दिग्गज बासिस्ट जेनिफर फिंच का निधन, ब्रेन कैंसर से 59 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
1990 के दशक के मशहूर अल्टरनेटिव रॉक मूवमेंट को अपनी उंगलियों पर नचाने वाली दिग्गज बासिस्ट जेनिफर फिंच का निधन हो गया है। मशहूर रॉक बैंड 'L7' की रीढ़ की हड्डी मानी जाने वाली जेनिफर फिंच ने 59 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से बेहद आक्रामक प्रकार के ब्रेन कैंसर से जंग लड़ रही थीं।
जेनिफर फिंच के निधन की पुष्टि खुद उनके बैंड 'L7' ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक भावुक पोस्ट साझा कर की है। इस खबर के बाद से दुनिया भर के रॉक संगीत प्रेमियों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
जेनिफर फिंच के निधन की जानकारी देते हुए L7 बैंड ने इंस्टाग्राम पर लिखा, बेहद भारी मन से हम यह घोषणा कर रहे हैं कि हमारी प्यारी बैंडमेट, दोस्त और साथी ट्रबलमेकर जेनिफर फिंच का आज निधन हो गया है। उन्होंने ब्रेन कैंसर के खिलाफ एक लंबी और बहादुर लड़ाई लड़ी। उन्हें दुनिया भर के बेहतरीन दोस्तों, संगीतकारों और प्रशंसकों का प्यार मिला। जेनिफर, हम तुमसे बहुत प्यार करते हैं।
RIP Jennifer Finch, Musician
— LegacyTributes (@InMemoriamX) July 19, 2026
L7, OtherStarPeople, The Shocker, Sugar Babydoll w/ Courtney Love and Kat Bjelland, The Pandoras, Betty Blowtorch, Hide, Hole
Photography Showcased in the Rock and Roll Hall of Fame
Music featured in Office Space & Degrassi: TNG#InMemoriam #RIP pic.twitter.com/AeLg4dRAFM
बैंड के प्रतिनिधियों ने आगे कहा कि वे अपनी इस बहन और दोस्त को खोकर पूरी तरह टूट चुके हैं। जेनिफर के बेखौफ अंदाज, गजब के सेंस ऑफ ह्यूमर और असीमित रचनात्मकता ने न केवल 'L7' को एक पहचान दी, बल्कि उन सभी की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।
'रोलिंग स्टोन' मैगजीन के मुताबिक, जेनिफर फिंच ने इसी महीने की शुरुआत में खुलासा किया था कि वह ब्रेन कैंसर के एक बेहद आक्रामक रूप का इलाज करा रही हैं। शुरुआत में डॉक्टरों का मानना था कि रेडिएशन थेरेपी के जरिए उनकी स्थिति को आसानी से ठीक किया जा सकता है। लेकिन समय के साथ मेडिकल जटिलताएं बढ़ती गईं और उन्हें कई बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा।
इन सर्जरीज के बाद जेनिफर के शरीर में गंभीर शारीरिक सीमाएं आ गईं, जिसके कारण उन्हें हर समय कड़े मेडिकल केयर की जरूरत पड़ने लगी। इससे पहले साल 2011 में भी जेनिफर ने थायराइड कैंसर को मात दी थी, जिससे उनकी मेडिकल हिस्ट्री पहले से ही काफी चुनौतीपूर्ण थी।
बीमारी में भी संगीत और कला के प्रति अटूट रहा प्रेम
शारीरिक दिक्कतों और गंभीर बीमारी के बावजूद जेनिफर का अपनी कला के प्रति समर्पण कभी कम नहीं हुआ। वह आखिरी सांस तक संगीत, फोटोग्राफी और अपने क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रहीं। अपनी खराब सेहत के कारण उन्हें 'L7' के आगामी यूएस लेग के 'लास्ट हुर्राह टूर' से पीछे हटना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने जाते-जाते भी अपने बैंडमेट्स से कहा था कि वे उनके बिना ही इस टूर को जारी रखें।
1990 के दशक में 'L7' के साथ बिखेरा था जलवा
'L7' बैंड की स्थापना 1985 में हुई थी और जेनिफर फिंच 1987 में इससे जुड़ी थीं। साल 2017 में रोलिंग स्टोन ने उनके बारे में लिखा था कि "वह एक ऐसी अनट्रेंड बासिस्ट थीं, जिन्होंने लाइव शो में आते ही एक अलग ही ऊर्जा और जान फूंक दी थी।" 1988 में बैंड का पहला एल्बम आया और 90 के दशक में जब यह बैंड सफलता के शिखर पर था, तब जेनिफर ही इसकी मुख्य पहचान थीं।
साल 1996 में, 30 वर्ष की उम्र में उन्होंने निजी कारणों और अपने पिता के निधन के दुख से उबरने के लिए बैंड छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने 'OtherStarPeople' और 'The Shocker' जैसे बैंड्स में काम किया और अपना खुद का रिकॉर्ड लेबल 'लिटिल पुशर रिकॉर्ड्स' भी लॉन्च किया। संगीत के अलावा वह एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी थीं। साल 2015 में वह एक बार फिर 'L7' के साथ जुड़ीं और 2019 के एल्बम 'स्कैटर द रैट्स' में अपनी कला का जादू बिखेरा।

