बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू 25 मई को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। पर्दे पर अपनी कॉमेडी से सबको लोटपोट करने वाले और सीरियस किरदारों से रोंगटे खड़े कर देने वाले कुणाल की मुस्कान के पीछे एक ऐसा अतीत छिपा है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।
एक कश्मीरी पंडित के रूप में आतंकवाद का दंश झेलने से लेकर पटौदी खानदान का दामाद बनने तक, कुणाल खेमू की जिंदगी किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी है। कुणाल खेमू का जन्म श्रीनगर के एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। 1990 के दशक की शुरुआत में जब कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ नफरत और हिंसा की आग भड़की, तो उसका शिकार कुणाल का परिवार भी हुआ।
महज एक मासूम बच्चे के रूप में कुणाल ने वो दौर देखा जब आतंकियों ने उनके हंसते-खेलते घर को बम धमाके से उड़ा दिया। रातों-रात अपना सब कुछ छोड़कर उनके परिवार को अपनी जान बचाने के लिए घाटी से पलायन करना पड़ा। इस त्रासदी ने उन्हें बचपन में ही जिंदगी के सबसे कड़े सबक सिखा दिए।
महज 10 साल की उम्र में कैमरे के सामने
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कुणाल के भीतर का कलाकार कभी नहीं मरा। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। कुणाल पहली बार दूरदर्शन के बेहद लोकप्रिय धारावाहिक 'गुल गुलशन गुलफाम' में नजर आए थे। इसके बाद साल 1993 में महज 10 साल की उम्र में उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म 'सर' से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया।
कुणाल की असली पहचान बनी आमिर खान और सलमान खान जैसे सुपरस्टार्स के साथ बाल कलाकार के रूप में काम करके। उन्होंने 'हम हैं राही प्यार के', 'राजा हिंदुस्तानी', 'जुड़वां', 'भाई' और 'दुश्मन' जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपनी मासूमियत और बेमिसाल अदाकारी से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। फिल्म 'जख्म' में अजय देवगन के बचपन का किरदार निभाकर उन्होंने साबित कर दिया था कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं।
'कलयुग' से बतौर हीरो धमाकेदार डेब्यू
चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में नाम कमाने के बाद कुणाल ने साल 2005 में फिल्म 'कलयुग' से बतौर मुख्य अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। इस इंटेंस थ्रिलर फिल्म और इसके गानों ने रातों-रात कुणाल को युवाओं का क्रश बना दिया। इसके बाद उन्होंने 'ट्रैफिक सिग्नल' जैसी संजीदा फिल्म में काम किया।
कुणाल खेमू का असली जादू तब दिखा जब उन्होंने कॉमेडी जॉनर में कदम रखा। 'ढोल' और रोहित शेट्टी की 'गोलमाल 3' व 'गोलमाल अगेन' में उनके लक्ष्मण के किरदार को भला कौन भूल सकता है? भारत की पहली ज़ोंबी-कॉमेडी फिल्म 'गो गोवा गॉन' में अभिनय करने के साथ-साथ उन्होंने इसके डायलॉग्स भी लिखे। हाल ही में फिल्म 'मडगांव एक्सप्रेस' (2024) से बतौर डायरेक्टर डेब्यू करके उन्होंने साबित कर दिया कि वह सिनेमा के हर फन में माहिर हैं।
कुणाल खेमू की पर्सनल लाइफ भी काफी दिलचस्प रही है। साल 2015 में उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री और पटौदी खानदान की बेटी सोहा अली खान से शादी की। हालांकि, नवाब खानदान की लाडली को अपनी दुल्हनिया बनाने के लिए कुणाल को काफी पापड़ बेलने पड़े थे। दोनों के धर्म अलग थे और सोहा उम्र में कुणाल से चार साल बड़ी थीं।
शुरुआत में दोनों के परिवारों को मनाने के लिए कुणाल को काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन उनके सच्चे प्यार के आगे आखिरकार सबको झुकना पड़ा। आज कुणाल और सोहा बॉलीवुड के सबसे ग्रेसफुल कपल्स में से एक हैं और दोनों एक प्यारी सी बेटी 'इनाया नौमी खेमू' के माता-पिता हैं।