बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौट इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में मुंबई में एक ग्रैंड इवेंट में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया। ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान कंगना ने एक्टर जॉन अब्राहम का शुक्रिया भी अदा किया।
जॉन अब्राहम ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए एक रजिस्टर्ड फिल्म का टाइटल कंगना को बिना कोई पैसा लिए सौंप दिया है। यह टाइटल और कोई नहीं बल्कि कंगना की आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' है। कंगना ने बताया कि शुरुआत में इस फिल्म का नाम काफी सीधा और वास्तविक था।
कंगना ने बताया, मेकर्स ने इसका वर्किंग टाइटल 'नर्सेस ऑफ कामा' रखा था, जो सीधे तौर पर फिल्म की कहानी की पृष्ठभूमि को दर्शाता था। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम आगे बढ़ा और इसकी शूटिंग पूरी हुई, मेकर्स को महसूस हुआ कि यह फिल्म सिर्फ एक अस्पताल या चंद नर्सों की कहानी नहीं है। यह कहानी देश की उस सामूहिक चेतना और राष्ट्रवाद की भावना को दर्शाती है, जहां आम लोग भी वक्त आने पर असाधारण वीरता दिखाते हैं।
टीम को लगा कि फिल्म का नाम ऐसा होना चाहिए जो इसके गहरे और भावनात्मक संदेश को बखूबी बयां कर सके। ऐसे में उनके दिमाग में 'भारत भाग्य विधाता' नाम आया। शीर्षक तय होने के बाद जब मेकर्स ने इसकी खोजबीन की, तो पता चला कि 'भारत भाग्य विधाता' टाइटल पहले से ही जॉन अब्राहम के पास रजिस्टर्ड है।
बॉलीवुड के नियमों के मुताबिक, किसी भी रजिस्टर्ड टाइटल को हासिल करना एक लंबी और कभी-कभी महंगी प्रक्रिया होती है। कई बार लोग इसके बदले मोटी रकम की मांग करते हैं।
कंगना रनौत ने इस वाकये को याद करते हुए कहा, जब हमें पता चला कि यह टाइटल जॉन सर के पास है, तो मैंने उन्हें फोन किया और अपनी फिल्म की कहानी बताई। मुझे लोगों ने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी आसानी से अपना टाइटल नहीं छोड़ता है। लेकिन जॉन सर ने हमारी बात सुनी और महज एक दिन के भीतर बिना एक भी रुपया चार्ज किए यह टाइटल हमारे नाम ट्रांसफर कर दिया। आज के समय में ऐसा बड़प्पन दिखाना वाकई बहुत बड़ी बात है।
मनोज तपाड़िया द्वारा लिखित और निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' साल 2008 में हुए 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के एक ऐसे अध्याय को पर्दे पर लाती है, जो इतिहास के पन्नों में कहीं ओझल हो गया था। यह कहानी मुंबई के कामा एंड अल्ब्लेस हॉस्पिटल की है। हमले की उस खौफनाक रात दो खूंखार आतंकवादी इस सरकारी अस्पताल की दीवार फांदकर अंदर घुस गए थे।
पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया था और मौत सामने खड़ी थी। ऐसे नाजुक वक्त में अस्पताल की नर्सों, वार्ड बॉय, सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। उन्होंने सूझबूझ से वार्डों के दरवाजे बंद किए, रोते हुए बच्चों को चुप कराया और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित जगहों पर छिपाया। इन गुमनाम हीरोज ने उस खौफनाक रात लगभग 400 मासूम जिंदगियों को आतंकियों की गोलियों का शिकार होने से बचा लिया था।
फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' में कंगना रनौट के साथ-साथ गिरिजा ओक गोडबोले, स्मिता तांबे और ईशा डे जैसे मंझे हुए कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्माण 'पेन स्टूडियोज', 'मणिकर्णिका फिल्म्स' और 'परमहंस क्रिएशन्स' के बैनर तले किया गया है। यह फिल्म 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।