जाह्नवी कपूर ने किया खुलासा: लोगों ने श्रीदेवी को 'घर तोड़ने वाली' कहा, इसका असर उनकी मानसिकता पर पड़ा
जाह्नवी कपूर, बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और दिवंगत श्रीदेवी की बेटी, ने हाल ही में एक साक्षात्कार (राज शमानी के YouTube चैनल) में अपनी मां के संघर्ष के दिनों और उनके परिवार पर को लेकर सार्वजनिक आलोचनाओं पर खुलकर बात की। जाह्नवी का यह बयान न केवल भावुक था, बल्कि इसमें एक बेटी के दृष्टिकोण से जीवन के कठिन पहलुओं की झलक भी दिखाई दी। जाह्नवी ने यह भी बताया कि कैसे लोग उनकी माँ श्रीदेवी को "घर तोड़ने वाली" जैसी उपाधियों से नवाजते थे और इसका मानसिक असर उनकी माँ पर भी पड़ा था।
मां श्रीदेवी के संघर्षों को किया याद
जाह्नवी कपूर ने अपनी मां श्रीदेवी के संघर्षों को याद करते हुए बताया कि वह कभी भी अपने बच्चों के सामने अपनी परेशानियों को नहीं लाती थीं। वह हमेशा खुशहाल कहानियाँ ही साझा करती थीं, भले ही दुनिया ने उन्हें कभी भी सहानुभूति नहीं दी। जाह्नवी कहती हैं, "लोगों ने मेरी माँ को 'घर तोड़ने वाली' कहा और उन्होंने जितनी भी बुरी बातें बोलीं, वह सब उनकी मानसिकता पर गहरे असर डालती थीं। लेकिन जैसे ही वह इस दुनिया से चली गईं, इतिहास ने उनकी महानता को स्वीकार किया।"
जाह्नवी का दर्द: 'मैंने माँ को पहले नहीं समझा'
जाह्नवी कपूर ने यह भी साझा किया कि आज वह अपनी माँ को पूरी तरह से समझ पाई हैं। "मुझे अब समझ आता है कि वह किस मानसिकता से चीजों को देखती थीं। मुझे खेद है कि पहले मैं उन्हें समझ नहीं पाई।" जाह्नवी ने बताया कि उनकी माँ चार साल की उम्र से काम कर रही थीं, लेकिन कभी भी अपने संघर्षों के बारे में नहीं बोला, हमेशा खुशियाँ ही साझा कीं।
मैंने एक ही दिन में दोनों माता-पिता को खो दिया
श्रीदेवी और बोनी कपूर की शादी 1996 में हुई थी, लेकिन उन्होंने अपना रिश्ता सार्वजनिक रूप से 1997 में घोषित किया, जब श्रीदेवी गर्भवती थीं। जाह्नवी कपूर का जन्म 6 मार्च 1997 को हुआ था और उनकी छोटी बहन खुशी कपूर का जन्म 5 नवंबर 2000 को हुआ था। जाह्नवी ने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि जब उनकी माँ का आकस्मिक निधन हुआ, तो वह सिर्फ अपनी माँ को नहीं खोईं, बल्कि उस दिन अपने पिता का भी वह रूप खो दिया, जो वह श्रीदेवी के साथ थे।
माँ की कमी और खुद की लड़ाई
जाह्नवी ने बताया कि "मेरे लिए वह सब कुछ थीं। मैं अपनी छोटी-छोटी बातों के लिए भी उनसे सलाह लेती थी। फिर अचानक मुझे अपने फैसले खुद लेने थे, और उस समय मीडिया और दुनिया से मिल रही आलोचनाओं ने मुझे और भी असहज कर दिया।" जाह्नवी ने यह भी साझा किया कि उन्होंने कुछ गलत फैसले किए और अपनी सुरक्षा को लगातार नजरअंदाज किया।
विरासत और आगे का रास्ता
श्रीदेवी ने एक बार कहा था कि जाह्नवी अपनी माँ की तरह हैं, जबकि खुशी अपने पिता बोनी कपूर के जैसे हैं। जाह्नवी ने इस विचार को दोहराते हुए कहा, "अब मुझे समझ आता है कि मेरी माँ कितनी बलवान थीं और वह अपने संघर्षों को कैसे देखती थीं।" यह बातचीत न केवल जाह्नवी की व्यक्तिगत यात्रा को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि वह अपनी माँ की विरासत को कैसे सम्मान देती हैं।