कभी 'काली बिल्ली' कहकर उड़ाया गया मजाक, आज दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहीं प्रियंका चोपड़ा
बॉलीवुड की 'देसी गर्ल' प्रियंका चोपड़ा आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। मिस वर्ल्ड का ताज जीतने से लेकर बॉलीवुड और फिर हॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली प्रियंका करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। लेकिन उनकी सफलता का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था।
एक समय ऐसा भी था जब प्रियंका चोपड़ा को इंडस्ट्री में उनके सांवले रंग की वजह से ताने सुनने पड़ते थे। इतना ही नहीं, पुरुष कलाकारों की तुलना में उन्हें काफी कम फीस भी दी जाती थी। प्रियंका चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष को याद करते हुए बताया था कि उन्हें कई बार उनके स्किन टोन को लेकर अपमानजनक बातें सुननी पड़ीं। उन्हें 'काली बिल्ली' और 'सांवली' जैसे शब्दों से पुकारा जाता था।
प्रियंका ने कहा था कि यह सब ऐसे देश में हो रहा था, जहां अधिकांश लोगों का रंग गेहुआं या सांवला ही है। लगातार ऐसी बातें सुनकर उन्हें लगने लगा था कि शायद सुंदर दिखना ही सफलता की पहली शर्त है।
प्रियंका ने बताया था कि रंगभेद का सामना करने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को और मजबूत बनाया। उन्हें विश्वास था कि अगर उनकी प्रतिभा बेहतर है, तो एक दिन उनकी मेहनत जरूर रंग लाएगी। इसी सोच के साथ उन्होंने हर किरदार में अपना सौ प्रतिशत दिया और धीरे-धीरे बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में अपनी जगह बना ली।
फीस में भी झेलना पड़ा भेदभाव
प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड में लंबे समय तक चले जेंडर पे गैप पर भी खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि कई फिल्मों में उन्हें अपने मेल को-स्टार्स की तुलना में बेहद कम फीस मिलती थी। उनके मुताबिक, कई बार उन्हें पुरुष कलाकारों की फीस का केवल दसवां हिस्सा ही दिया जाता था। उन्होंने माना कि यह समस्या सिर्फ उनके साथ नहीं बल्कि कई अभिनेत्रियों के साथ रही है।
मिस वर्ल्ड से ग्लोबल स्टार बनने तक का सफर
साल 2000 में मिस वर्ल्ड बनने के बाद प्रियंका ने 2003 में फिल्म 'द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद 'ऐतराज़', 'फैशन', 'डॉन', 'बर्फी!', 'मैरी कॉम' और 'बाजीराव मस्तानी' जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।
इसके बाद प्रियंका ने हॉलीवुड में भी शानदार सफलता हासिल की। इंटरनेशनल टीवी सीरीज और फिल्मों के जरिए उन्होंने ग्लोबल स्टार के रूप में अपनी पहचान बनाई और दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया। प्रियंका चोपड़ा की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की सफलता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संघर्ष और सकारात्मक सोच की मिसाल है। उन्होंने साबित किया कि रंग, रूप या परिस्थितियां किसी इंसान की मंजिल तय नहीं करतीं, बल्कि उसकी मेहनत और काबिलियत उसे ऊंचाइयों तक पहुंचाती है।

