'हनुमान अंश' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, बनी 200 करोड़ कमाने वाली सबसे कम बजट की फिल्म
भारतीय सिनेमा के इतिहास में समय-समय पर ऐसी फिल्में आती हैं जो साबित कर देती हैं कि कंटेंट और दर्शकों का प्यार ही असली ताकत है। आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित भक्ति से सराबोर फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ ऐसा ही चमत्कार कर दिखाया है।
रिलीज के 36वें दिन भी 'हनुमान अंश' का जलवा बरकरार है। बिना किसी बड़े सितारे और भारी-भरकम प्रचार के रिलीज हुई इस छोटी सी फिल्म ने भारत में 200 करोड़ रुपये के क्लब में प्रवेश कर एक नया इतिहास रच दिया है।
फ्लॉप शुरुआत से ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर तक का सफर
'हनुमान अंश' का शुरुआती सफर किसी भी लिहाज से आसान नहीं था। जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो इसे बहुत ही सुस्त प्रतिक्रिया मिली। फिल्म ने अपने पहले दिन महज 10 लाख रुपये का कलेक्शन किया था। दो हफ्तों के बाद फिल्म का कुल नेट कलेक्शन मात्र 1.48 करोड़ रुपये ही हो पाया था।
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसकी कल्पना फिल्म के मेकर्स ने भी नहीं की होगी। सकारात्मक 'वर्ड ऑफ माउथ' के दम पर फिल्म ने अपनी रिलीज के 16वें दिन से ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सिनेमाघरों के बाहर टिकट खिड़की पर लाइनें लग गईं। फिल्म ने अपने चौथे हफ्ते में 61 करोड़ रुपये और पांचवें हफ्ते में शानदार 90 करोड़ रुपये का बिजनेस किया।
अपने 36वें दिन (छठे शुक्रवार) फिल्म ने 10.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जो कि इसके पूरे थियेट्रिकल रन का अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे शुक्रवार कलेक्शन है। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 205.15 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन 173.63 करोड़ तक पहुंच गया है।
इसी के साथ 'हनुमान अंश' अब 200 करोड़ रुपये के प्रतिष्ठित क्लब में जगह बनाने वाली भारत की सबसे छोटे बजट की फिल्म बन गई है। इसने इससे पहले यह रिकॉर्ड बनाने वाली फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' (बजट 15 करोड़) को भी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।
रिलीज के छठे हफ्ते में 'हनुमान अंश' पहली बार आधिकारिक रूप से भारतीय बॉक्स ऑफिस पर नंबर 1 फिल्म बन गई है। इसने हाल ही में रिलीज हुई 'मिर्जापुर: द मूवी' (जिसने शुक्रवार को 9.50 करोड़ कमाए) और प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी अक्षय कुमार व सैफ अली खान की नई फिल्म 'हैवान' (ओपनिंग मात्र 3 करोड़) को भी पछाड़ दिया है।
क्या है 'हनुमान अंश' की कहानी?
विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म एक बेहद भावुक और आध्यात्मिक यात्रा को पर्दे पर उतारती है। कहानी 'लक्ष्मीनारायण' नाम के एक दुखी युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां के निधन के बाद भगवान की खोज और जीवन के सवालों के जवाब पाने के लिए निकल पड़ता है।
उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करते हुए, जीवन, मृत्यु और मानवीय दुखों के उत्तर तलाशते-तलाशते वह आखिरकार महान और पूजनीय संत नीम करोली बाबा के रूप में परिवर्तित होता है। फिल्म की सादगी और भक्ति भाव ने सीधे दर्शकों के दिलों को छुआ है।
स्टार कास्ट और क्रू
फिल्म में मुख्य भूमिका शोभिनव सत्या ने निभाई है, जिनके अभिनय की हर तरफ सराहना हो रही है। उनके अलावा फिल्म में विहान शेडगे, चंदन के आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी, गुलशन पांडे और भगवानदास पटेल जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।

