न प्रमोशन का बजट, न बड़े स्टार... 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर कर दिया बड़ा कमाल
भारतीय सिनेमा में जब भी कम बजट और मजबूत कहानी वाली फिल्में आती हैं, तो वे अक्सर अपने कंटेंट के दम पर बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़े गणित को बिगाड़ देती हैं। ऐसा ही एक नया चमत्कार सिनेमाघरों में देखने को मिल रहा है फिल्म 'हनुमान अंश' के साथ।
महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी छलांग लगाई है, जिसकी उम्मीद ट्रेड एनालिस्ट्स को भी नहीं थी। शुरुआती दो हफ्तों में सुस्त रहने के बाद, तीसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
31 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली 'हनुमान अंश' की शुरुआत काफी धीमी रही थी। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन केवल 10 लाख रुपये का कलेक्शन किया था। पहले हफ्ते में फिल्म ने 1.08 करोड़ रुपये और दूसरे हफ्ते में मात्र 40 लाख रुपये बटोरे। दो हफ्तों का कुल कलेक्शन महज 1.5 करोड़ रुपये के आसपास सिमट गया था।
लेकिन तीसरे हफ्ते में 'वर्ड ऑफ माउथ' के बूते फिल्म 'हनुमान अंश' ने करिश्मा कर दिखाया। तीसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई में अचानक उछाल आया और इसने अकेले 10.5 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस कर डाला। फिलहाल फिल्म का कुल कलेक्शन 12 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इस तरह फिल्म ने अपनी लागत पर 500% से भी ज्यादा का मुनाफा कमाकर सभी को हैरान कर दिया है।
रिलीज से पहले प्रेमानंद जी महाराज की विशेष सलाह
फिल्म की इस अप्रत्याशित सफलता के पीछे न केवल इसकी कहानी, बल्कि निर्माण के दौरान अपनाए गए कड़े आध्यात्मिक नियम भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिल्म के निर्देशक और लेखक विशाल चतुर्वेदी ने आज तक संग बात करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
विशाल चतुर्वेदी ात बताया कि फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद, रिलीज से पहले उनके एक निर्माता संत प्रेमानंद जी महाराज के पास उनका मार्गदर्शन लेने पहुंचे थे। प्रेमानंद जी महाराज ने फिल्म के मुख्य अभिनेता को विशेष सलाह दी कि वे अपने निजी जीवन और जीवनशैली में अत्यधिक सावधानी बरतें तथा पूर्ण रूप से सात्विक एवं शाकाहारी भोजन ही अपनाएं।
सेट पर सख्त नियम: न शराब, न विवाद, सिर्फ 'हनुमान चालीसा'
फिल्म के मेकर्स ने शूटिंग के दौरान सेट पर अत्यंत पवित्र वातावरण बनाए रखा। निर्देशक के अनुसार, सेट पर कुछ सख्त नियम तय किए गए थे। सेट पर किसी को भी गाली-गलौज, लड़ाई या बहस करने की अनुमति नहीं थी। केवल सात्विक और शाकाहारी भोजन ही दिया जाता था। किसी भी सदस्य के लिए शराब या किसी भी प्रकार के नशे का सेवन पूरी तरह वर्जित था। हर दिन की शूटिंग की शुरुआत और समापन हनुमान चालीसा के पाठ से किया जाता था।
फिल्म में नीम करोली बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनाव सत्या ने बताया कि जब भी सेट पर कोई तकनीकी समस्या या रुकावट आती थी, तो पूरी टीम एक साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगती थी।
निर्देशक विशाल चतुर्वेदी बताते हैं, कई बार कॉल टाइम सुबह 7 बजे का होता था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण सुबह 10 बजे तक कैमरा रोल नहीं हो पाता था। ऐसे समय में खाली बैठने के बजाय हम सभी हनुमान चालीसा पढ़ने लगते थे। आश्चर्यजनक रूप से, चालीसा समाप्त होते-होते हमारी समस्या का कोई न कोई समाधान निकल आता था।
प्रमोशन के लिए पैसे नहीं थे, तो कराया 'भंडारा'
आज के समय में जहां फिल्मों के प्रमोशन पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं, वहीं 'हनुमान अंश' के मेकर्स के पास पब्लिसिटी के लिए बजट ही नहीं था। निर्देशक ने बताया, हमारे पास मार्केटिंग के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन हमारा उद्देश्य नीम करोली बाबा के संदेश को लोगों तक पहुंचाना था। इसलिए हमने पारंपरिक विज्ञापनों के बजाय सेवा का मार्ग चुना। हमने अलग-अलग जगहों पर 8 विशाल भंडारों का आयोजन किया। यही भंडारे हमारा सबसे बड़ा प्रचार बने और लोगों के बीच फिल्म की बात फैलती चली गई।

