'रामायणम्' के ट्रेलर से खुश नहीं हुए 'युधिष्ठिर' गजेंद्र चौहान, कैकेयी के लुक पर उठाए सवाल
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हाल ही में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। कई बॉलीवुड और टीवी जगत के दिग्गज कलाकारों ने भी ट्रेलर को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी है।
बी.आर. चोपड़ा के कालजयी धारावाहिक महाभारत में 'युधिष्ठिर' की भूमिका निभाकर अपार लोकप्रियता हासिल करने वाले वरिष्ठ अभिनेता गजेंद्र चौहान ने इस बहुप्रतीक्षित फिल्म पर अपनी बेबाक राय व्यक्त की है। गजेंद्र चौहान 'रामायणम्' के ट्रेलर से प्रभावित नहीं हुए हैं।
हिंदी रश पॉडकास्ट में गजेंद्र चौहान ने जहां रणबीर कपूर के 'भगवान राम' वाले लुक की सराहना की, वहीं फिल्म में कैकेयी के चित्रण और स्टार्स की कास्टिंग को लेकर कुछ अहम सवाल भी खड़े किए। गजेंद्र चौहान ने ट्रेलर के उस दृश्य पर विशेष रूप से आपत्ति जताई जिसमें माता कैकेयी, राजा दशरथ से प्रभु श्री राम को 14 वर्ष के वनवास में भेजने का वरदान मांगती हैं। उन्होंने कहा कि इस दृश्य का प्रस्तुतीकरण पारंपरिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं लगा।
गजेंद्र चौहान ने कहा, मैंने रामायण का ट्रेलर देखा। व्यक्तिगत रूप से कहूं तो मैं इससे ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ। कैकेयी के उस दृश्य ने मुझे प्रभावित नहीं किया जहां वह राम के वनवास की मांग करती हैं। उनकी वेशभूषा काफी आधुनिक है, उन्हें आधुनिक साड़ी में दिखाया गया है।
गजेंद्र चौहान ने वर्ष 2002 में आए रवि चोपड़ा के 'रामायण' धारावाहिक का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने स्वयं राजा दशरथ की भूमिका निभाई थी। चौहान के अनुसार, राम वनवास का प्रसंग पूरी कथा का सबसे भावुक और निर्णायक मोड़ होता है, जहां से रघुकुल का परिवार बिखरने लगता है। इस दृश्य को बड़े पर्दे पर पूरी गंभीरता और समय देकर प्रस्तुत किया जाना चाहिए था।
रणबीर कपूर के 'राम' अवतार और 'स्टार इमेज' पर राय
प्रभु श्री राम की भूमिका में रणबीर कपूर के चुनाव पर बोलते हुए गजेंद्र चौहान ने उनके लुक की तारीफ की, लेकिन साथ ही एक बड़ी व्यावहारिक चुनौती की ओर भी इशारा किया। चौहान ने स्वीकार किया कि रणबीर कपूर गेट-अप में बेहद प्रभावशाली और सुंदर दिख रहे हैं।
उनका मानना है कि जब कोई स्थापित बॉलीवुड सुपरस्टार किसी पौराणिक या पूजनीय पात्र को निभाता है, तो दर्शकों के लिए उस अभिनेता की पुरानी 'स्टार इमेज' को भुला पाना आसान नहीं होता। भारतीय संस्कृति में प्रभु राम की एक विशिष्ट और राजसी छवि लोगों के मन में गहराई से बसी हुई है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल टीजर देखकर किसी के अभिनय का न्याय करना उचित नहीं है, पूरी फिल्म देखने के बाद ही प्रदर्शन का सही आकलन किया जा सकता है। अपने करियर का उदाहरण देते हुए गजेंद्र चौहान ने बताया कि महाभारत में जब उन्होंने युधिष्ठिर का किरदार निभाया था, तब उनकी कोई पूर्व-स्थापित स्टार इमेज नहीं थी, जिससे दर्शकों ने उन्हें पूरी तरह उसी पात्र के रूप में स्वीकार कर लिया।
अरुण गोविल की कास्टिंग को बताया 'सर्वश्रेष्ठ फैसला'
फिल्म 'रामायणम्' के कास्टिंग निर्णयों में जिस बात ने गजेंद्र चौहान को सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह थी अरुण गोविल को राजा दशरथ के रूप में चुनना। उल्लेखनीय है कि रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक रामायण (1987) में अरुण गोविल ने स्वयं 'भगवान राम' का कालजयी किरदार निभाया था।
गजेंद्र चौहान ने इसे एक खूबसूरत सफर बताते हुए कहा, सबसे बेहतरीन कास्टिंग अरुण गोविल की राजा दशरथ के रूप में है। 40 साल पहले वह राम बने थे और 40 साल बाद वह बड़े होकर दशरथ यानी पिता की भूमिका में आए हैं। यह बहुत ही सुंदर कास्टिंग है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस भव्य फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे नजर आने वाले हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकापति रावण, सनी देओल भगवान हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण, अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखेंगे।

