टीवी शो 'भाबीजी घर पर हैं' में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर फेमस हुई एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में शिल्पा ने भारती सिंह और हर्ष के पॉडकास्ट में कबुला की उन्होंने 'भाबीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया था।
शिल्पा शिंदे के इस खुलासे के बाद उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। टीवी और बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलेब्स भी शिल्पा के इस कदम की कड़ी निंदा कर रहे हैं। शिल्पा शिंदे के इस चौंकाने वाले बयान के बाद अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता पूजा बेदी ने इस पर बेहद सख्त रुख अपनाया है।
पूजा बेदी ने कहा, कोई भी महिला जो बदला लेने, व्यक्तिगत लाभ, पब्लिसिटी या दुर्भावना के लिए पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को हथियार बनाती है, वह वास्तव में उस पूरे आंदोलन और मकसद को धोखा दे रही है जिसके लिए ये कानून बनाए गए थे।
उन्होंने कहा, ऐसे झूठे आरोप न केवल एक मासूम इंसान की जिंदगी और उसका मान-सम्मान बर्बाद करते हैं, बल्कि समाज में वास्तविक पीड़ितों और सरवाइवर्स पर भरोसा करना भी मुश्किल बना देते हैं। कानून का ऐसा दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके गंभीर परिणाम होने चाहिए।
एक्ट्रेस हिना खान ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लिखा, आमतौर पर मैं ना किसी के बारे में बात करती हूं, ना किसी और के मुद्दों पर कमेंट या रिएक्ट करती हूं। मैं सिर्फ और सिर्फ तभी बोलती हूं जब संवेदनशील बात हो, या फिर ऐसी कोई बात हो जिसका असर समाज को प्रभावित करें, खासकर महिलाओं को।
हिना ने लिखा, पब्लिक फिगर होने के नाते अपनी बात रखना मेरी जिम्मेदारी है। किसी विवाद में जीतने के लिए अपने सेक्स का इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब करना सचमुच शर्मनाक है। जो लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं, वे बिल्कुल सही हैं।
उन्होंने लिखा, मैं पूरी तरह से शॉक्ड हूं। मेरे पास कहने को शब्द नहीं हैं। लेकिन मैं यहां रियल विक्टिम के बारे में बात करना चाहूंगी। एक सम्मानित व्यक्ति, जिसकी पत्नी, बेटी और परिवार में कई महिलाएं हैं। एक मेहनती प्रोड्यूसर, जिसने कई आइकॉनिक शो ऑडियंस को दिए हैं। उसे इस तरह की परेशानी से गुजरना पड़ा। जैसा कि फीमेल एक्ट्रेस ने कुबूला कि उसके आरोप बेबिनुयाद थे। वो आरोप उसने सिर्फ फायदा उठाने, जीतने, अपनी बात मनवाने और समझौता करवाने के लिए लगाए थे।
करण ओबेरॉय ने बताया 'कानूनी आतंकवाद'
अभिनेता व सिंगर करण ओबेरॉय ने भी इस मुद्दे पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, एक झूठा मामला पुरुषों से ज्यादा महिलाओं के खिलाफ होता है, क्योंकि इसकी वजह से वास्तविक पीड़ित महिलाओं को भुगतना पड़ता है। एक झूठा केस समाज में चल रहे सौ सच्चे मामलों पर भी संदेह की उंगली उठा देता है। यह एक तरह का 'कानूनी आतंकवाद' है, जिससे हजारों निर्दोष लोगों की जिंदगियां तबाह हो रही हैं।
शिल्पा शिंदे ने पॉडकास्ट में अपनी पुरानी कानूनी लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा था, मैं आज इस प्लेटफॉर्म के जरिए पहली बार सच कबूल कर रही हूं कि वह आरोप झूठा था। उस वक्त मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। मेरे सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे और मैं बस उस स्थिति से बाहर निकलना चाहती थी।
उन्होंने कहा, जब आप पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराने जाते हैं, तो वे कहते हैं कि मामला गंभीर बनाने के लिए आपको कुछ बड़ा और कड़ा लिखना पड़ेगा। चूंकि मेरा बैकग्राउंड कानून का रहा है, इसलिए मैं इस प्रक्रिया को समझती थी। इस मामले के बाद दोनों पक्षों के बीच सेटलमेंट हो गया था और उनका बकाया भुगतान भी मिल गया था।