मंगेतर समीक्षा शेट्टी संग अर्चना पूरन के बेटे आयुष्मान सेठी ने कराया 'शुद्धिकरण', 13 झरनों के नीचे लिया पवित्र स्नान
मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस और 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' फेम अर्चना पूरन सिंह और अभिनेता परमीत सेठी का परिवार अक्सर सोशल मीडिया और अपने यूट्यूब व्लॉग्स को लेकर सुर्खियों में बना रहता है। जहां बड़े बेटे आर्यमन सेठी और उनकी मंगेतर योगिता बिहानी की जोड़ी को फैंस काफी पसंद करते हैं, वहीं अब छोटे बेटे आयुष्मान सेठी भी अपनी लव लाइफ और ट्रेवल डायरीज को लेकर लगातार लाइमलाइट बटोर रहे हैं।
हाल ही में आयुष्मान सेठी अपनी मंगेतर और सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर समीक्षा शेट्टी के साथ इंडोनेशिया के खूबसूरत द्वीप बाली में वेकेशन का लुत्फ उठाने पहुंचे हैं। इस दौरान कपल का एक लेटेस्ट बाली व्लॉग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे सिर्फ मस्ती ही नहीं, बल्कि बाली की सदियों पुरानी धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को पूरी श्रद्धा के साथ निभाते नजर आ रहे हैं।
मंदिर में किया पवित्र 'वॉटर प्यूरिफिकेशन' रिचुअल
आयुष्मान सेठी और समीक्षा शेट्टी के इस बाली ट्रिप का सबसे खास और चर्चित हिस्सा रहा वहां के प्रसिद्ध तिर्ता एम्पुल मंदिर का दौरा। बाली के उबुद क्षेत्र के पास स्थित इस पौराणिक हिंदू मंदिर में एक पवित्र जल अनुष्ठान किया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में 'मेलुकात' कहा जाता है।
व्लॉग में दिखाया गया है कि आयुष्मान और समीक्षा ने मंदिर के नियमों का सम्मान करते हुए बाली का पारंपरिक परिधान (सारोंग) पहना। इसके बाद दोनों ने मंदिर प्रांगण में हाथ जोड़कर भगवान को फल-फूल अर्पित किए और पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न होने के बाद दोनों पवित्र कुंड में उतरे, जहां कुल 13 प्राकृतिक झरने बहते हैं।
अपनी इस पवित्र यात्रा का अनुभव साझा करते हुए आयुष्मान ने फैंस को बाली की इस खूबसूरत संस्कृति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने व्लॉग में कहा, जब आप इस मंदिर में पहुंचते हैं, तो यहां एक वॉटर प्यूरिफिकेशन रिचुअल (शुद्धिकरण अनुष्ठान) होता है। इसमें आपको 13 अलग-अलग झरनों के पानी के नीचे स्नान करना होता है। परंपरा के अनुसार, हर एक फाउंटेन के नीचे खड़े होकर आप ईश्वर से अपनी कोई मनोकामना मांग सकते हैं या फिर अपने जीवन में मिली खुशियों के लिए भगवान का आभार व्यक्त कर सकते हैं।
आयुष्मान ने आगे बताया कि यह उनके जीवन का अब तक का सबसे बेहतरीन और सबसे अलग अनुभव रहा। इस अनुष्ठान को पूरा करने के बाद उन्हें मानसिक शांति मिली और वे अंदर से बेहद हल्का व सकारात्मक महसूस कर रहे थे। समीक्षा शेट्टी ने भी इस आध्यात्मिक अनुभव को अपने जीवन का एक यादगार पल बताया।

