घर चलाने के लिए C-ग्रेड फिल्में करनी पड़ीं: अर्चना पूरन सिंह का चौंकाने वाला खुलासा
घर चलाने के लिए समझौते करने पड़े- अर्चना पूरन सिंह का इमोशनल कबूलनामा
अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर ऐसी बातें साझा कीं, जो अब तक शायद ही किसी ने सुनी हों। इस खुली बातचीत में दोनों ने शादी के शुरुआती सालों की मुश्किलों, आर्थिक दबाव और करियर से जुड़े टकराव पर बेबाकी से बात की। अर्चना ने माना कि एक दौर ऐसा भी था, जब घर की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर थी और उसी ने उनके अंदर गहरे इमोशनल कॉन्फ्लिक्ट को जन्म दिया।
जब अर्चना बनीं परिवार की मुख्य कमाने वाली
अर्चना ने ईमानदारी से बताया कि शादी के शुरुआती दौर में वह परिवार की मुख्य कमाने वाली थीं। बाहर से भले ही वह मजबूत और आत्मनिर्भर दिखती थीं, लेकिन अंदर ही अंदर वह खुद को भावनात्मक रूप से उलझा हुआ महसूस करती थीं। उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि रिश्ते में कोई ऐसा हो, जिस पर वह भरोसा कर सकें और जिस पर वह भावनात्मक रूप से निर्भर हो सकें, ठीक वैसे ही जैसे उनकी मां उनके पिता पर निर्भर थीं।
अर्चना के मुताबिक, उस समय वह खुद भी अपने इन जज़्बातों को पूरी तरह समझ नहीं पा रही थीं। कभी वह यह जताती थीं कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि वह कमा रही हैं, लेकिन कभी-कभी वह परमीत को और ज्यादा काम करने के लिए प्रेरित भी करती थीं, जिससे रिश्ते में कन्फ्यूजन और टकराव की स्थिति बनती रही।
“पेट पालने के लिए C-ग्रेड फिल्में करनी पड़ीं”
अपने करियर को लेकर अर्चना ने एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में सर्वाइव करने और घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स भी किए, जिन पर उन्हें खुद गर्व नहीं था। अर्चना ने कहा कि उनका उस समय एक ही मंत्र था, काम को कभी ना कहना नहीं।
इसी सोच के चलते उन्होंने कई खराब और C-ग्रेड फिल्मों में काम किया। उनका मकसद सिर्फ इतना था कि “ब्रेड एंड बटर” टेबल पर आता रहे। उन्होंने यह भी माना कि धीरे-धीरे उनके अंदर यह भावना घर करने लगी कि अगर परमीत ने उस वक्त ज्यादा जिम्मेदारी ली होती, तो शायद उन्हें ऐसे समझौते नहीं करने पड़ते।
वहीं परमीत सेठी ने भी अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वह किसी भी ऐसे काम को करने से हिचकिचाते थे, जो उनके लंबे समय के करियर प्लान के खिलाफ जाता हो। उन्होंने कहा कि वह अर्चना से सात साल छोटे थे और इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे।
परमीत के मुताबिक, उन्हें डर था कि अगर उन्होंने एक भी गलत कदम उठा लिया, तो वह पूरी तरह इंडस्ट्री से बाहर हो सकते हैं। वह लंबे समय तक हीरो बनने की कोशिश कर रहे थे और इसलिए सोच-समझकर ही काम चुनते थे।
जब अर्चना ने कहा कि वह भी हीरोइन बनना चाहती थीं, तो परमीत ने साफ किया कि उस वक्त अर्चना उनसे उम्र और करियर दोनों में आगे थीं, जबकि वह खुद अभी अपने करियर की नींव रख रहे थे।
मुश्किलों के बावजूद साथ निभाया रिश्ता
इन तमाम मतभेदों और तनाव के बावजूद अर्चना और परमीत ने उन सालों को साथ मिलकर पार किया। दोनों ने 1992 में शादी की थी और आज वे दो बेटों, आर्यमन सेठी और आयुष्मान सेठी के माता-पिता हैं। उनकी यह ईमानदार बातचीत यह दिखाती है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे भी रिश्तों में वही संघर्ष, समझौते और भावनात्मक उलझनें होती हैं, जो आम लोगों की जिंदगी में होती हैं।