'छोटा बच्चा जान के' से स्टार होस्ट बनने तक, जानिए आदित्य नारायण का दिलचस्प सफर
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर उदित नारायण के घर जब 6 अगस्त 1987 को एक नन्हें मेहमान की किलकारी गूंजी, तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह बालक आगे चलकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा से हर उम्र के दर्शकों का दिल जीत लेगा। हम बात कर रहे हैं जाने-माने सिंगर, एक्टर और टीवी के सबसे चहेते होस्ट आदित्य नारायण की।
6 अगस्त को अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे आदित्य नारायण ने म्यूजिक और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बिना किसी शॉर्टकट के अपनी मेहनत के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। आइए जानते हैं महज 4 साल की उम्र में सुर साधने वाले आदित्य नारायण के बाल कलाकार से लेकर स्टार एंकर बनने के इस बेहतरीन सफर की पूरी कहानी।
4 साल की उम्र में रखा संगीत की दुनिया में कदम
आदित्य नारायण को संगीत विरासत में मिला है। उन्होंने महज चार साल की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग शुरू कर दी थी। साल 1992 में उन्होंने एक नेपाली फिल्म 'मोहिनी' के लिए अपना पहला गाना गाया। इसके बाद बॉलीवुड में निर्देशक ए.आर. रहमान के संगीत निर्देशन में फिल्म 'रंगीला' में अपनी आवाज देकर उन्होंने सबको चौंका दिया।
साल 1995 उनके लिए बेहद खास रहा जब उन्होंने फिल्म 'अकेले हम अकेले तुम' के टाइटल ट्रैक में अपने पापा उदित नारायण के साथ कदम से कदम मिलाया। पिता और बेटे की इस संगीतमय जुगलबंदी को लोगों ने खूब सराहा। बाल कलाकार के तौर पर आदित्य ने 100 से भी अधिक गानों को अपनी सुरीली आवाज दी और उनका नाम इंडस्ट्री के गिने-चुने बाल गायकों की सूची में शीर्ष पर आ गया।
'छोटा बच्चा जान के' ने दिलाई रातों-रात शोहरत
आदित्य नारायण के सिंगिंग करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साल 1996 में आई फिल्म 'मासूम' का गाना 'छोटा बच्चा जान के हमको ना समझाना रे' साबित हुआ। यह गाना बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जुबान पर चढ़ गया और आज भी यह भारतीय पॉप कल्चर का एक अहम हिस्सा है। इस गाने में उनकी मासूमियत और उम्दा गायकी के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल गायक का 'द स्क्रीन अवॉर्ड' भी प्रदान किया गया।
गायन के साथ-साथ आदित्य नारायण ने बचपन में ही अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का ध्यान खींचा। निर्देशक सुभाष घई ने उनके हुनर को पहचाना और शाहरुख खान-महिमा चौधरी स्टारर सुपरहिट फिल्म 'परदेस' (1997) में उन्हें रोल दिया। इसके बाद 1998 में सलमान खान और ट्विंकल खन्ना स्टारर फिल्म 'जब प्यार किसी से होता है' में उनके किरदार 'कबीर' को काफी सराहना मिली। सलमान खान के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
टीवी होस्टिंग के बने 'किंग'
जैसे-जैसे आदित्य बड़े हुए, उन्होंने खुद को एक नए रूप में ढाला। साल 2007 में उन्होंने म्यूजिक रियलिटी शो 'सा रे गा मा पा' से बतौर एंकर अपने करियर की नई पारी शुरू की। उनकी हाजिरजवाबी, चार्मिंग पर्सनालिटी और स्टेज प्रेजेंटेशन के दर्शकों के साथ-साथ मेकर्स भी कायल हो गए।
इसके बाद उन्होंने 'इंडियन आइडल' और 'एक्स फैक्टर' जैसे देश के सबसे बड़े रियलिटी शोज को सालों तक होस्ट किया। आज के दौर में आदित्य नारायण को छोटे पर्दे के सबसे लोकप्रिय और हाईली-पेड होस्ट्स में से एक माना जाता है।
अपनी प्रतिभा के दम पर आदित्य ने साल 2010 में विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म 'शापित' से बतौर मुख्य अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। हीरो के रूप में सफलता न मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित करते हुए साल 2019 में आदित्य ने स्टंट रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 9' में भाग लिया। अपने जांबाज अंदाज, फिटनेस और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर वे इस शो के फर्स्ट रनर-अप बने और लाखों फैंस का दिल एक बार फिर जीत लिया।

