राममंदिर पर फैसले से पहले अयोध्या में विराजे भगवान श्रीराम !, पढ़ें खास खबर

Author विकास सिंह| Last Updated: शुक्रवार, 8 नवंबर 2019 (14:19 IST)
राममंदिर पर के फैसले से पहले देवोत्थान एकादशी पर भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। राममंदिर के समर्थक के महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से बनाए गए मंदिर में श्रद्धालु भगवान राम के बालरुप से दर्शन
कर सकेंगे। वेबदुनिया से बातचीत में प्राण प्रतिष्ठा सामारोह के आयोजनकर्ता आचार्यक किशोर कुणाल कहते हैं कि रामजन्मभूमि के ठीक बाहर बने मंदिर में भगवान राम के बाल्य स्वरुप की सबसे खूबसूरत मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों में के बीच आचार्य किशोर कुणाल ने वेबदुनिया से अयोध्या के वर्तमान माहौल और मंदिर को लेकर खास चर्चा की।


रामजन्मभूमि परिसर के नजदीक स्थित मंदिर में हो रहे प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में किशोर कुणाल कहते हैं कि वैसे तो अयोध्या भगवान राम की नगरी है और यहां के कण-कण में राम है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले यहां के स्थानीय लोग और कार्तिक मेला में देश भर से जो लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे है वो काफी उत्साहित है।

वह कहते हैं कि अयोध्या से उनका पुराना नाता है और मंदिर में भगवान श्रीराम की बाल्यरूप की जिस मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है वह देश ही नहीं दुनिया में भगवान राम की बाल्यरूप मे सबसे सुंदर मूर्ति है। वह कहते हैं कि इन दिनों अयोध्या के माहौल के देखकर ऐसा लगता है कि वह स्वर्ग में है। वह कहते हैं कि इन दिनों तो पूरा देश अयोध्यामय हो गया है।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ठीक पहले इस तरह प्राण प्रतिष्ठा के सवाल पर किशोर कुणाल कहते हैं कि इसका फैसले से कोई लेना देना नहीं है, इसकी तैयारी वह पिछले 5 सालों से कर रहे थे। वह कहते हैं कि मंदिर में भगवान राम बाल्य रुप में इस तरह विराजमान रहेंगे कि जो श्रद्धालु रामजन्मभूमि का दर्शन करने जाएगें वह भगवान श्रीराम के बाल्यरुप के दर्शन कर सकेंगे। वह कहते हैं कि जल्द में मंदिर में रामरसोई की भी शुरुआत होने जा रही है जिसमें रामजन्मभूमि का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन मिल सकेगा।

सुरक्षा के नाम पर दर्शन से रोकना गलत –सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अयोध्या में पुलिस के सख्त सुरक्षा इंतजामों पर पूर्व पुलिस अधिकारी किशोर कुणाल सवाल उठाते हुए कहते हैं कि सुरक्षा के नाम पर रास्ते बंद करना और लोगों को रामजन्मभूमि मे दर्शन करने जाने से रोक देना गलत है। वह कहते हैं कि सुरक्षा के लिए पुलिस को चैकिंग करनी चाहिए लेकिन रास्ते बंद कर लोगों को अपने गंतत्व तक पहुंचने और मंदिरों में दर्शन करने से रोकना गलत है और वह इसका विरोध करते हैं।

 

और भी पढ़ें :