Flex fuel : जल्द आएंगी 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां, भारत में E100 ईंधन को मिली कानूनी मंजूरी, पर क्या हैं चुनौतियां
Toyota, Suzuki, Hyundai और MG Motor लाएंगी 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि उन्होंने भारत में E100 ईंधन के उपयोग की अनुमति देने वाले नियमों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस फैसले से वाहन निर्माताओं के लिए ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) वाहन लॉन्च करने का कानूनी रास्ता साफ हो गया है, जो उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकेंगे। यह घोषणा दिल्ली में हाल ही में E85 ईंधन की शुरुआत के कुछ सप्ताह बाद आई है और इससे संकेत मिलता है कि सरकार मौजूदा E20 कार्यक्रम से आगे बढ़कर एथेनॉल के उपयोग का दायरा बढ़ाना चाहती है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि नियमों को मंजूरी मिलने से एक बड़ी बाधा दूर हो गई है, लेकिन E100 को व्यापक स्तर पर अपनाने में समय लग सकता है। नाम के बावजूद E100 पूरी तरह शुद्ध एथेनॉल नहीं होता। इसमें आमतौर पर 93 से 95 प्रतिशत एथेनॉल होता है, जबकि बाकी हिस्सा पेट्रोल और अन्य एडिटिव्स का होता है, जो ठंडे मौसम में इंजन स्टार्ट करने और ईंधन प्रबंधन में मदद करते हैं। मौजूदा E20-संगत वाहन सीधे E100 पर नहीं चल सकते। इसके लिए इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य पुर्जों में बड़े बदलाव की जरूरत होती है। यही कारण है कि विशेष फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की आवश्यकता होगी।
तेल विपणन कंपनियों को E100 के लिए अलग फ्यूल डिस्पेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। भंडारण और वितरण प्रणालियों में भी बदलाव करने पड़ सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा घनत्व कम होता है। इसलिए E100 पर चलने वाले वाहन समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की खपत कर सकते हैं। हालांकि सरकार का मानना है कि इससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और देश में उत्पादित जैव ईंधन (Biofuel) के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन इसकी सफलता वाहन उपलब्धता, ईंधन ढांचे और उपभोक्ताओं की स्वीकार्यता पर निर्भर करेगी।
आने वाले महीनों में बढ़ सकते हैं एथेनॉल आधारित वाहन
नागपुर में आयोजित शुगर एथेनॉल एंड बायो-एनर्जी इंडिया कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने E100 ईंधन को कानूनी मंजूरी देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि कल रात 8 बजे मैंने 100 प्रतिशत एथेनॉल के उपयोग को कानूनी रूप से अधिकृत करने वाले नियमों की फाइल पर हस्ताक्षर किए।
यह मंजूरी भारत के E20 कार्यक्रम से एक बड़ा कदम आगे मानी जा रही है।
E20 कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि E100 ढांचे के तहत ऐसे वाहनों का विकास संभव होगा जो एथेनॉल को मुख्य ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। यह विकल्प इलेक्ट्रिक, सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों के साथ मौजूद रहेगा।
E20 कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि E100 ढांचे के तहत ऐसे वाहनों का विकास संभव होगा जो एथेनॉल को मुख्य ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। यह विकल्प इलेक्ट्रिक, सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों के साथ मौजूद रहेगा।
हाल ही में Maruti Suzuki ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर (WagonR) और Hero MotoCorp ने एथेनॉल-संगत मोटरसाइकिलों का प्रदर्शन किया था। गडकरी ने बताया कि Toyota, Suzuki, Hyundai और MG Motor अगले डेढ़ महीने के भीतर E100-संगत वाहन पेश कर सकती हैं।
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस फैसले से फ्लेक्स-फ्यूल इंजन और एथेनॉल आधारित ईंधन प्रणालियों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। उच्च एथेनॉल मिश्रण पर चलने वाले वाहनों में सामान्य पेट्रोल वाहनों की तुलना में विशेष इंजन कैलिब्रेशन और अलग फ्यूल सिस्टम की आवश्यकता होती है। Edited by: Sudhir Sharma
