मंगल का कर्क राशि में गोचर: 12 राशियों पर पड़ेगा बड़ा असर, जानें किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान
18 सितंबर 2026 की शाम 05:03 बजे मंगल ग्रह अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। मंगल यहाँ 12 नवंबर 2026 तक विराजमान रहेंगे। कर्क राशि में उच्च के गुरु (बृहस्पति) के साथ युति होने से मंगल की नीचता दूर होगी, जिससे नकारात्मक प्रभावों में भारी कमी आएगी। गुरु की शुभ संगति अधिकांश राशियों के लिए रक्षा कवच का काम करेगी।
मेष राशि (Aries):
चौथे भाव में गोचर होने से ऊर्जा का स्तर थोड़ा धीमा पड़ सकता है।
गुरु की कृपा से बुद्धि विवेकपूर्ण बनी रहेगी और कुसंगति से बचाव होगा।
परिवार में स्वजनों से बहस टालें और जमीन-जायदाद व वाहन चलाते समय सजगता बरतें।
वृषभ राशि (Taurus):
तीसरे भाव का गोचर पराक्रम बढ़ाएगा, जिससे धन लाभ और प्रतिस्पर्धी कार्यों में सफलता मिलेगी।
सातवें भाव का स्वामी नीच का होने से वैवाहिक जीवन और पार्टनरशिप में थोड़ा ध्यान देने की ज़रूरत है।
जीवनसाथी की बातों को शांति से सुनें; गुरु की दृष्टि से रिश्ते संभल जाएँगे।
मिथुन राशि (Gemini):
धन भाव (दूसरे भाव) में गोचर से संचित धन के खर्च होने के योग हैं, लेकिन गुरु की युति से यह खर्च सही दिशा में होगा।
परिजनों से छोटी-मोटी खटपट हो सकती है, जो बाद में मिठास में बदल जाएगी।
अधिक मीठा और तला-भुना खाने से बचें ताकि सेहत दुरुस्त रहे।
कर्क राशि (Cancer):
आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में नीच के मंगल का गोचर क्रोध, सिरदर्द या रक्त संबंधी असंतुलन दे सकता है।
वाहन चलाने और उग्रता से बचें; विपरीत लिंगी या मित्रों के साथ विवाद में न पड़ें।
संयम बनाए रखेंगे तो कार्यक्षेत्र में शुभ परिणाम हासिल होंगे।
सिंह राशि (Leo):
बारहवें भाव में गोचर से अनावश्यक भागदौड़ और खर्च बढ़ सकते हैं।
जो लोग विदेश जाने या विदेश से जुड़ा व्यापार करने की कोशिश में हैं, उन्हें अच्छा लाभ होगा।
प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी फैसलों को फिलहाल कुछ समय के लिए टालना ही हितकर रहेगा।
कन्या राशि (Virgo):
ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में गोचर व्यापार, सेहत और आर्थिक स्थिति के लिए काफी शानदार रहेगा।
भाइयों और दोस्तों का पूरा सहयोग मिलेगा; विरोधी आपके सामने नहीं टिक पाएंगे।
यदि आपका काम लाल वस्तुओं से जुड़ा है, तो अप्रत्याशित धन लाभ के योग हैं।
तुला राशि (Libra):
दशम भाव में गोचर आपकी कार्यक्षमता को बढ़ाएगा और आय के नए स्रोत खोलेगा।
गुरु की शुभ दृष्टि से मेहनत का पूरा फल मिलेगा और आपकी बचत में इजाफा होगा।
नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखें और वाणी पर नियंत्रण रखें।
वृश्चिक राशि (Scorpio):
नवम (भाग्य) भाव में गोचर से धार्मिक कामों में मन लगेगा, लेकिन अपनी मूल जिम्मेदारियों से न भटकें।
नौकरी में बदलाव का विचार आ सकता है, पर बिना सोचे-समझे कदम न उठाएँ।
सेहत का ध्यान रखें और आर्थिक मामलों में पूरी सावधानी बरतें।
धनु राशि (Sagittarius):
आठवें भाव में गोचर के कारण सेहत (पाचन/एसिडिटी) और चोट-चपेट के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
लव लाइफ और शिक्षा के क्षेत्र में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं, पर विदेश से जुड़े काम अचानक बन सकते हैं।
खान-पान में मिर्च-मसालों से परहेज करें और हर रिश्ते को संभालकर रखें।
मकर राशि (Capricorn):
सातवें भाव में गोचर से दांपत्य जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप में गलतफहमियां हो सकती हैं।
जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें और अनर्गल बहस से दूर रहें।
गुरु की कृपा से धैर्य बनाए रखने पर कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।
कुंभ राशि (Aquarius):
छठे भाव में गोचर प्रतिस्पर्धियों पर जीत दिलाएगा और आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
जॉब में प्रमोशन और इंक्रीमेंट के रास्ते खुलेंगे; पिता व वरिष्ठों से मार्गदर्शन मिलेगा।
सहकर्मियों व पड़ोसियों के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें।
मीन राशि (Pisces):
पांचवें भाव में गोचर से पढ़ाई में मन भटक सकता है, इसलिए विद्यार्थियों को एकाग्रता बनानी होगी।
गुरु-मंगल की युति से आर्थिक नुकसान के योग टल जाएँगे, बस कर्मठ बने रहें।
संतान के मामलों में समझदारी दिखाएँ और वित्तीय फैसलों में जल्दबाज़ी से बचें।

