Guru Mmithun Gochar 2025: गुरु का मिथुन राशि में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा संभलकर
Guru Vakri Gochar 2025: देवगुरु बृहस्पति, जिन्हें ज्योतिष में सबसे शुभ ग्रह माना जाता है, 5 दिसंबर 2025 को मिथुन राशि में वक्री (उल्टी चाल) अवस्था में प्रवेश कर रहे हैं। गुरु का यह गोचर कई राशियों के लिए एक 'अग्नि परीक्षा' जैसा समय लेकर आ रहा है, जो साल 2026 तक रहेगा। बुध की राशि मिथुन में होने के कारण यह अवधि सीखने, बुद्धि और ज्ञान को निखारने का शानदार मौका देगी और तार्किक क्षमता और विवेक में वृद्धि करेगी। हालांकि, इसके साथ ही कुछ राशियों को करियर, आर्थिक निर्णय, निजी संबंध और स्वास्थ्य के मोर्चे पर फूंक-फूंककर कदम रखने की सख्त ज़रूरत होगी। कुछ राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह गोचर चुनौतियों भरा सिद्ध हो सकता है।
1. कन्या राशि (Virgo)
मिथुन राशि में बृहस्पति का गोचर आपकी कुंडली के दसवें भाव (Tenth House) में होता है, जो करियर और कर्म का भाव है। करियर पथ में पुनर्विचार, अत्यधिक जिम्मेदारी या काम के दबाव के कारण तनाव महसूस हो सकता है। व्यापार या नौकरी में अपेक्षित लाभ प्राप्त करने में देरी या कमी आ सकती है। खर्चों में वृद्धि या कार्यस्थल पर असंतोष के कारण मानसिक तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
2. धनु राशि (Sagittarius)
बृहस्पति का गोचर आपकी कुंडली के सातवें भाव (Seventh House) में होता है। यह भाव जीवनसाथी, साझेदारी और व्यावसायिक संबंधों का होता है। जीवनसाथी या व्यावसायिक साझेदारों के साथ गलतफहमी, बहस या मतभेद हो सकते हैं। व्यापारिक साझेदारी में सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी, अन्यथा नुकसान हो सकता है। इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य, खासकर पेट और वसा (Fat) से संबंधित विकारों पर ध्यान देना होगा। खर्चों में वृद्धि हो सकती है।
3. मीन राशि (Pisces)
मिथुन राशि में बृहस्पति का गोचर आपकी कुंडली के चौथे भाव में होता है। यह भाव माता, घर, संपत्ति, वाहन और आंतरिक सुख का होता है। घर और परिवार से जुड़े मामलों में तनाव, माता के स्वास्थ्य या संबंधों में परेशानी आ सकती है। घर से संबंधित खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। आंतरिक सुख और शांति में कमी महसूस हो सकती है। कार्यक्षेत्र में बदलाव या अस्थिरता के कारण थोड़ी अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: इन राशियों के जातकों को गुरुवार के दिन विष्णु जी या बृहस्पति देव की पूजा करने, पीले वस्त्र धारण करने या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने की सलाह दी जाती है। इसी के साथ माथे पर प्रतिदिन केसर या हल्दी का तिलक लगाते रहें। झूठ न बोलें।