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Last Modified: गुरुवार, 28 मई 2026 (17:10 IST)

12 साल बाद गुरु का 'महागोचर': 2 जून से कर्क राशि में आएंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा

The planet Jupiter in the picture
Guru Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में सबसे शुभ और भाग्य के प्रदाता माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति बहुत जल्द एक ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, जो साल 2026 की सबसे बड़ी ज्योतिषीय हलचल साबित होने वाला है। 2 जून 2026 को गुरु ग्रह वृषभ राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क (Cancer) में प्रवेश करेंगे।
 
गुरु का अपनी उच्च राशि में आना कोई साधारण घटना नहीं है। वे एक राशि में लगभग 12 महीने रहते हैं, यानी पूरे 12 साल बाद गुरु का यह 'महागोचर' होने जा रहा है। गुरु के कर्क राशि में आते ही देश-दुनिया सहित सभी 12 राशियों के जीवन में बहुत बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं इस महागोचर का समग्र ज्योतिषीय विश्लेषण, शुभ-अशुभ प्रभाव और किस्मत चमकाने वाले अचूक उपाय।

ज्योतिष में क्यों खास है गुरु का 'कर्क' राशि में जाना?

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, संतान, धन, विवाह, आयु, धर्म और भाग्य का कारक माना जाता है। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो गुरु के परम मित्र हैं। जब गुरु कर्क राशि में होते हैं, तो वे अपने सबसे शक्तिशाली और सकारात्मक रूप में होते हैं, जिसे 'उच्च का गुरु' कहा जाता है। इस गोचर से  धरती पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही थी, करियर थमा हुआ था या पैसों की तंगी थी, उनके लिए अब अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं।
 

देश-दुनिया और बाजार पर क्या होगा असर?

अर्थव्यवस्था में उछाल: वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी के बादल छंटेंगे। बैंकिंग, फाइनेंस और शेयर मार्केट में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
सोने-चांदी के दाम: गुरु के उच्च होने से पीले रंग की धातुओं, विशेषकर सोने (Gold) के दामों में स्थिरता या तेजी आ सकती है।
शिक्षा और अध्यात्म: शिक्षा व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक सुधार होंगे। लोगों का झुकाव धर्म, ज्योतिष और योग की तरफ तेजी से बढ़ेगा।

इन 4 राशियों की खुलेगी लॉटरी (भाग्यशाली राशियां)

गुरु का यह गोचर वैसे तो सभी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें अगले 1 साल तक छप्परफाड़ सफलता मिल सकती है:
 

1. मेष राशि (Aries)

बृहस्पति आपके चौथे (सुख, माता, वाहन) भाव में गोचर करेंगे। चतुर्थ भाव में गुरु उच्च का फल देते हैं। 
प्रभाव: आपके पारिवारिक सुख में भारी वृद्धि होगी। नया घर या गाड़ी खरीदने के योग बनेंगे। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। करियर में मान-सम्मान बढ़ेगा और मानसिक शांति मिलेगी।
 

2. कर्क राशि (Cancer)

बृहस्पति आपकी ही राशि यानी आपके पहले (लग्न) भाव में आ रहे हैं। आपके लिए 'हंस पंचमहापुरुष राजयोग' का निर्माण होगा।
प्रभाव: यह समय आपके स्वर्णिम काल की शुरुआत है। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा, समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, पुरानी बीमारियां दूर होंगी और अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। अविवाहितों के लिए विवाह के पक्के योग बनेंगे।
 

3. कन्या राशि (Virgo)

बृहस्पति आपके ग्यारहवें (लाभ और आय) भाव में गोचर करेंगे।
प्रभाव: आपकी आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। निवेश से अच्छा मुनाफा होने के संकेत हैं। यदि आप बिजनेस करते हैं, तो कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों का प्रमोशन और सैलरी हाइक तय है। बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा।
 

4. वृश्चिक राशि (Scorpio)

बृहस्पति आपके नौवें (भाग्य और धर्म) भाव में गोचर करेंगे।
प्रभाव: आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठेगा। हर काम में किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत छात्रों को सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की यात्राएं और तीर्थ यात्राएं होने के प्रबल योग हैं। अब तक जो काम भाग्य के भरोसे रुके थे, वे पूरे होंगे। लंबी दूरी की यात्राएं या विदेश यात्रा के योग बनेंगे। छात्रों को उच्च शिक्षा में बड़ी सफलता मिलेगी।
 

5. मीन राशि (Pisces)

बृहस्पति आपके पांचवें (संतान, शिक्षा, प्रेम) भाव में गोचर करेंगे।
प्रभाव: छात्रों के लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा, पढ़ाई में मन लगेगा। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को खुशखबरी मिल सकती है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और आपकी रचनात्मकता चरम पर होगी। यदि आप संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे थे, तो यह समय खुशखबरी ला सकता है। आकस्मिक धन लाभ (शेयर मार्केट, लॉटरी या पैतृक संपत्ति) के प्रबल योग हैं।
 

इन राशियों को रहना होगा थोड़ा सावधान

धनु, मकर और मिथुन राशि वाले जातकों को इस दौरान अपने स्वास्थ्य और खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। गुरु के इस गोचर के दौरान धन का निवेश सोच-समझकर करें और किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें।
 

गुरु को प्रसन्न करने और भाग्य चमकाने के 5 अचूक उपाय

अगर आपकी कुंडली में गुरु कमजोर हैं या अशुभ फल दे रहे हैं, तो 2 जून से अगले 1 साल तक ये उपाय जरूर करें।
गुरुवार का व्रत: प्रत्येक गुरुवार को भगवान विष्णु और केले के पेड़ की पूजा करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
पीली चीजों का दान: गुरुवार के दिन चने की दाल, केला, हल्दी या पीले वस्त्रों का किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें।
माथे पर तिलक: रोज सुबह स्नान के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
बड़ों का सम्मान: घर के बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें। गुरु को प्रसन्न करने का यह सबसे बड़ा उपाय है।
मंत्र जाप: 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का तुलसी या चंदन की माला से 108 बार जाप करें।
 
 
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वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
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