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बुध का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर क्या होगा असर? जानें किसकी चमकेगी किस्मत

mercury in pushya nakshatra
ज्योतिषशास्त्र में बुद्धि, संवाद, व्यापार और तर्क शक्ति के कारक ग्रह बुध 5 अगस्त 2026 को कर्क राशि में गोचर कर चुके हैं। इसके बाद, 08 अगस्त 2026 को बुध ग्रह शनि के स्वामित्व वाले 'पुष्य नक्षत्र' में प्रवेश करने जा रहे हैं। पुष्य को सभी 27 नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और इसके स्वामी शनिदेव हैं, जबकि इसके देवता देवताओं के गुरु बृहस्पति (गुरु) हैं। जब बुध जैसा चंचल ग्रह शनि के अनुशासन प्रिय और गंभीर नक्षत्र में आता है, तो व्यक्ति के सोचने-समझने के तरीके में परिपक्वता, धैर्य और स्थिरता आती है। आइए जानते हैं कि बुध का शनि के पुष्य नक्षत्र में यह गोचर आपकी राशि पर क्या शुभ और अशुभ प्रभाव लेकर आएगा।
 

12 राशियों पर प्रभाव और राशिफल

1. मेष राशि

प्रभाव: आपके चौथे भाव (सुख व माता) में यह गोचर रहेगा।
शुभ प्रभाव: संपत्ति या प्रॉपर्टी से जुड़े निर्णय लेने में शनि का धैर्य काम आएगा। माता जी के स्वास्थ्य में सुधार होगा और घर में शांति का माहौल रहेगा।
अशुभ प्रभाव: कार्यों में थोड़ा विलंब देखने को मिल सकता है, जिससे थोड़ी बेचैनी हो सकती है।

2. वृषभ राशि

प्रभाव: तीसरे भाव (साहस, संचार व छोटे भाई-बहन) में असर पड़ेगा।
शुभ प्रभाव: नेटवर्किंग और बिजनेस कम्युनिकेशन में सफलता मिलेगी। आपकी वाणी में गंभीरता आएगी, जिससे लोग आपकी बात मानेंगे।
अशुभ प्रभाव: छोटे भाई-बहनों से किसी पुरानी बात पर अनबन हो सकती है, वाणी में कठोरता से बचें।
 

3. मिथुन राशि

प्रभाव: दूसरे भाव (धन, कुटुंब व वाणी) में गोचर होगा।
शुभ प्रभाव: वित्तीय मामलों में अनुशासन आएगा। फालतू के खर्चों पर रोक लगेगी और बचत में वृद्धि होगी। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
अशुभ प्रभाव: धन कमाने के लिए अधिक मेहनत और संघर्ष करना पड़ सकता है।
 

4. कर्क राशि:

प्रभाव: आपकी अपनी ही राशि यानी प्रथम भाव (लग्न) में गोचर रहेगा।
शुभ प्रभाव: आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। आप व्यावहारिक फैसले लेंगे जो भविष्य में बड़ा फायदा देंगे।
अशुभ प्रभाव: मन में थोड़ा भावनात्मक तनाव या अकेलेपन की भावना आ सकती है। जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें।

5. सिंह राशि

प्रभाव: बारहवें भाव (व्यय, विदेश व हानि) पर प्रभाव रहेगा।
शुभ प्रभाव: जो लोग विदेश से जुड़ा काम या आयात-निर्यात करते हैं, उनके लिए यह समय बेहद फायदेमंद रहेगा।
अशुभ प्रभाव: अचानक कानूनी या अनियोजित खर्चे सामने आ सकते हैं। बजट का खास ध्यान रखें। 
 

6. कन्या राशि

प्रभाव: ग्यारहवें भाव (लाभ व इच्छा पूर्ति) में गोचर रहेगा।
शुभ प्रभाव: कन्या राशि के स्वामी बुध का पुष्य नक्षत्र में जाना आपके लिए अत्यंत शुभ है। आय के नए साधन बनेंगे और लंबे समय से अटकी इच्छाएं पूरी होंगी।
अशुभ प्रभाव: बड़े भाइयों या दोस्तों के साथ किसी वित्तीय लेन-देन को लेकर सतर्क रहें।
 

7. तुला राशि

प्रभाव: दसवें भाव (कर्म व करियर) में गोचर रहेगा।
शुभ प्रभाव: नौकरी और कारोबार में आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। बॉस आपके काम की अनुशासनबद्ध शैली की तारीफ करेंगे।
अशुभ प्रभाव: काम का बोझ अधिक रहने से शारीरिक थकान महसूस हो सकती है।
 

8. वृश्चिक राशि

प्रभाव: नवम भाव (भाग्य व धर्म) में असर पड़ेगा।
शुभ प्रभाव: धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के प्रति झुकाव बढ़ेगा। उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम से अच्छी सफलता मिलेगी।
अशुभ प्रभाव: भाग्य पर निर्भर रहने के बजाय कर्म पर भरोसा रखें, शुरुआती दिनों में काम थोड़े अटक सकते हैं।

9. धनु राशि

प्रभाव: आठवें भाव (आयु, शोध व गुप्त धन) में गोचर रहेगा।
शुभ प्रभाव: रिसर्च, ज्योतिष या शेयर मार्केट के विश्लेषकों को अचानक लाभ हो सकता है।
अशुभ प्रभाव: त्वचा संबंधी समस्याएं या खान-पान की गड़बड़ी से पेट खराब हो सकता है। सेहत का विशेष ध्यान रखें।
 

10. मकर राशि

प्रभाव: सातवें भाव (व्यापार व विवाह) में गोचर रहेगा।
शुभ प्रभाव: चूंकि पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि खुद आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए बिजनेस पार्टनरशिप में बड़ा लाभ होगा।
अशुभ प्रभाव: जीवनसाथी के साथ संवाद में नीरसता या रूखापन आ सकता है, रिश्तों में थोड़ा समय दें।  
 

11. कुंभ राशि

प्रभाव: छठे भाव (रोग, ऋण व शत्रु) पर प्रभाव रहेगा।
शुभ प्रभाव: प्रतियोगियों और शत्रुओं पर आप अपनी बुद्धिमत्ता से जीत हासिल करेंगे। पुराने कर्ज निपटाने में सफलता मिलेगी।
अशुभ प्रभाव: ऑफिस में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी योजनाओं का खुलासा हर किसी के सामने न करें।
 

12. मीन राशि

प्रभाव: पांचवें भाव (विद्या, संतान व बुद्धि) में असर पड़ेगा।
शुभ प्रभाव: पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी। जो लोग तकनीकी या विश्लेषणात्मक पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए समय बेहतरीन है।
अशुभ प्रभाव: शेयर बाजार या सट्टेबाजी में बिना सोचे-समझे पैसा लगाने से नुकसान हो सकता है।
 

इस गोचर के दौरान क्या करें उपाय?

  1. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  2. बुध के शुभ प्रभाव के लिए गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप करें।
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