1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. राशियाँ
  4. budh-ka-vrishabh-rashi-gochar-2026-2-rashiyon-ke-liye-ashubh
Last Updated : गुरुवार, 14 मई 2026 (15:38 IST)

बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी

Mercury Transit in Taurus 2026: In the image: Lord Budh; and in the caption: 'Mercury's Transit into Taurus'
ज्योतिष शास्त्र में 'बुद्धि और तर्क' के कारक ग्रह बुध 15 मई 2026 की मध्यरात्रि (00:18 बजे) अपनी वर्तमान स्थिति में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। बुध देव मेष राशि की अपनी यात्रा समाप्त कर शुक्र के स्वामित्व वाली पृथ्वी तत्व की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। वृषभ राशि में बुध का आना जहाँ कुछ राशियों के लिए सुखद परिणाम लाएगा, वहीं मिथुन और तुला राशि के जातकों के लिए यह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। इन दोनों राशियों को अगले कुछ हफ्तों तक अपने करियर, धन और स्वास्थ्य के प्रति 'एक्स्ट्रा अलर्ट' रहने की आवश्यकता है।

1. मिथुन राशि: अनियंत्रित खर्च और मानसिक दबाव

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध स्वयं उनके राशि स्वामी हैं, इसलिए बुध का हर गोचर इनके लिए अत्यंत प्रभावशाली होता है। इस बार बुध आपकी राशि से बारहवें भाव (व्यय स्थान) में गोचर करेंगे।
आर्थिक चुनौतियां: यह भाव व्यय और हानि का माना जाता है। इस दौरान अचानक "खर्चों का सैलाब" आ सकता है। संचित धन (Savings) किसी अनचाही वजह से खर्च हो सकता है। किसी को उधार देने से बचें, क्योंकि पैसा वापस मिलने की संभावना बहुत कम है।
करियर व व्यापार: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगाड़ सकता है। कार्य का बोझ मानसिक तनाव (Stress) का कारण बनेगा। शत्रु आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, अतः ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें।
स्वास्थ्य व सावधानी: त्वचा (Skin) संबंधी संक्रमण या आंखों में जलन की समस्या हो सकती है। यदि आप विदेश से संबंधित व्यापार करते हैं, तो लाभ हो सकता है, अन्यथा स्थानीय स्तर पर जोखिम न लें।
उपाय: प्रतिदिन 'बुध कवच' का पाठ करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।

2. तुला राशि: अप्रत्याशित बाधाएं और गुप्त चिंताएं

तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर उनके आठवें भाव (अष्टम भाव) में होने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में अनिश्चितता और परिवर्तन का भाव माना जाता है।
पारिवारिक व सामाजिक प्रभाव: अष्टम भाव में बुध की उपस्थिति वाणी में दोष उत्पन्न कर सकती है। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों या ससुराल पक्ष के साथ किसी पुरानी बात को लेकर गंभीर बहस हो सकती है। अपनी गुप्त बातें किसी से साझा न करें, वरना विश्वासघात (Betrayal) हो सकता है।
आर्थिक उतार-चढ़ाव: निवेश के लिहाज से यह समय 'खतरे की घंटी' है। शेयर बाजार या सट्टेबाजी जैसे जोखिम भरे कार्यों से दूर रहें। धनहानि के प्रबल योग बन रहे हैं, हालांकि पैतृक संपत्ति या बीमा (Insurance) से जुड़ा कोई रुका हुआ धन अचानक मिल भी सकता है।
मानसिक स्थिति: मन में अज्ञात भय या बेचैनी रह सकती है। शोध कार्य (Research) और गुप्त विद्याओं (Astrology/Science) से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा है, लेकिन आम नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्र का जाप करें।
 

बचाव के सामान्य सुझाव:

बुध के इस गोचर के दौरान मिथुन और तुला राशि के जातकों को अपनी वाणी पर नियंत्रण और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से पहले सावधानी रखनी चाहिए। 15 मई के बाद से अगले गोचर तक कोई भी नया व्यावसायिक अनुबंध (Contract) सोच-समझकर ही करें। याद रखें, ग्रह हमें केवल सचेत करते हैं, सावधानी और सही निर्णय से हम प्रतिकूल परिस्थितियों को भी नियंत्रित कर सकते हैं।
 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
गंगा दशहरा पर बन रहा है इस बार दुर्लभ योग संयोग, इस मुहूर्त में करें स्नान और पूजा