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pushya nakshatra 2021: पुष्‍य नक्षत्र आज, जानिए यह नक्षत्र क्यों है खास

बुधवार,जनवरी 27, 2021
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सूर्य देव 12 फरवरी 2021 में अपने पुत्र शनि की दूसरी राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। यह एक वायु तत्व की राशि है। इस प्रकार एक अग्नि तत्त्व प्रधान सूर्य का प्रवेश वायु तत्व प्रधान राशि में होगा।
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पौष का महीना प्रचंड शीत ऋतु का होता है। इस महीने सूर्य की उपासना करने से उपासक का तन-मन और भाव तीनों की शुद्धता हो जाती है। ज्योतिष के अनुसार पौष
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ईस्वीं सन् 2021 का प्रथम 'गुरुपुष्य' शुभ संयोग 28 जनवरी 2021 दिन गुरुवार को है। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों का उल्लेख है। प्रत्येक नक्षत्र का मान 13’20 होता है।
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गुरुवार, 28 जनवरी 2021 को गुरु-पुष्य नक्षत्र है। यदि आप कोई वस्तु खरीदना चाहते हैं और फलदायी बनाना चाहते हैं तो उसे गुरुवार को खरीद लीजिए,
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वर्ष 2021 में गुरु-पुष्य का पहला शुभ संयोग गुरुवार, 28 जनवरी को बन रहा है। देवगुरु बृहस्पति को पुष्य नक्षत्र का अधिष्ठाता देवता माना गया है। पुष्‍य नक्षत्र का स्वभाव शुभ होता है।
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पौष माह की पूर्णिमा के दिन स्नान-दान और सूर्य व चंद्र देव को जल देने से पुण्य लाभ मिलता है। हर पूनम की तरह पौष पूर्णिमा पर भी पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है। सुबह उठकर पीपल के पेड़ के सामने कुछ मीठा चढ़ाकर जल अर्पित करें।
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पौष के महीने में सूर्य की उपासना की जाती है। यह महीना सूर्य देव की पूजा के लिए विशेष महत्‍व रखता है। पौष पूर्णिमा इस मास का बहुत ही पावन दिन माना जाता है।
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मंगलवार का ग्रह मंगल ग्रह है। मंगलवार की प्रकृति उग्र है। यह भगवान हनुमान और मंगलदेव का दिन है। मान, सम्मान, पद प्रतिष्ठा, अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए। यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति निम्निलिखित अनुसार है ...
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आइए जानते हैं 12 फरवरी 2021 से सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही किस राशि पर कैसा होगा असर...
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पौष माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं। पौष पूर्णिमा को ही भगवती दुर्गा के शाकंभरी स्वरूप का अवतरण हुआ था। इसलिए इसे शाकंभरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस साल यह पूर्णिमा 28 जनवरी 2021 को है।
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26 जनवरी 2021, मंगलवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। यह प्रदोष व्रत मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है।
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गणतंत्र दिवस पर पंचमहापुरुष योग में से 2 योग बन रहे हैं। एक तो रुचक योग मंगल के स्वराशि में होने से बन रहा है।
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महाशिवरात्रि का पर्व सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन को भोलेनाथ के भक्त चरम उत्साह से मनाते हैं। आइए जानते हैं इस साल महाशिवरात्रि का पर्व कब आ रहा है...
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सोमवार का ग्रह चंद्र ग्रह है। सोमवार की प्रकृति सम है। यह भगवान शिव और चंद्रदेव का दिन है। जीवन में सुख, मानसिक शांति और अच्छी सेहत के लिए सोमवार के दिन उपवास रखना चाहिए। यदि कुंडली में चंद्र की स्थिति निम्निलिखित अनुसार है तो सोमवार का व्रत करना ...
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आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। 'वेबदुनिया' प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए सप्ताह के 7 दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप इन 7 दिनों में वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं
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माना जाता है कि इस चर और अचर संसार में पुत्रदा एकादशी के व्रत के समान दूसरा कोई व्रत नहीं है। इस व्रत के नाम के अनुसार ही इसका फल है।
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रविवार का ग्रह सूर्य ग्रह है। रविवार की प्रकृति ध्रुव है। यह भगवान विष्णु और सूर्यदेव का दिन है। मान, सम्मान, पद प्रतिष्ठा, अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए। यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति निम्निलिखित अनुसार है ...
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पंचांग के अनुसार 27 जनवरी 2021, बुधवार को शुक्र राशि परिवर्तन कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर राशि के अधिपति शनि होते हैं, जो शुक्र के नैसर्गिक मित्र माने जाते हैं।
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इलायची के गुण और फायदों को देख तंत्रशास्त्र में भी इसे स्थान दिया गया है और यदि बताए गए उपाय सही विधि
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