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5 April 2020 : जानिए कौन-सा मंत्र पढ़ें दीपक जलाते समय...

रविवार,अप्रैल 5, 2020
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यह जानना जरूरी है कि सोने से पहले क्या करना चाहिए, क्योंकि इसी पर हमारा भविष्‍य टिका हुआ है।
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अप्रैल 2020 का महीना 1 से 9 तक के मूलांक के लिए कैसा होगा आइए जानिए...
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हम आपको बताएंगे गीता में उल्लेखित चार तरह के भक्तों के बारे में।
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कल्पवृक्ष, कैसा है, कहां है, क्या-क्या चमत्कार कर सकता है? सब जानिए यहां...
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मोमबत्ती आपका भविष्य बता सकती है। प्राचीन काल से ही मोमबत्ती से जीवन के गणित को समझने की कोशिश होती रही है। आइए जानते हैं विस्तार से...
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मारकेश की दशा के संबंध में अक्सर यह भ्रांति प्रचलित है कि इस दशा में जातक की मृत्यु घटित होती है जबकि यह तथ्य पूर्णत: सत्य नहीं अपितु आंशिक सत्य है।
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सामान्य रूप से श्रेष्ठ चौघड़िए शुभ, चंचल, अमृत और लाभ के माने जाते हैं। उद्वेग, रोग और काल को नेष्ट माना जाता है। दिन और रात के आठ-आठ हिस्से का एक चौघड़िया होता है।
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सूर्य 13 अप्रैल तक रेवती नक्षत्र में रहेगा। इससे पहले 17 मार्च को सूर्य ने उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया था। बुध के इस नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश देश के लिए शुभ रहेगा।
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मंगल यद्यपि पापी ग्रह है। जहां एक ओर हानि करता है, वहीं राजयोग भी फलित करता है। जैसे यदि मंगल चतुर्थ भाव में हो तो जातक को गृह, माता एवं पत्नी के सुख से वंचित कर देगा, किंतु जातक को उच्च स्तर का राज कर्मचारी, संपन्न और पिता की छत्रछाया में रहने वाला ...
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आपने ताश के जादू जरूर देखें होंगे लेकिन ताश से स्वभाव और भविष्य जानने के बारे में कम ही सुना होगा। यह विद्या तोते द्वारा निकाले गए ताश के पत्तों की तरह नहीं है और ना ही टेरो कार्ड की तरह है। तब कैसे जान सकते हैं इसके बारे में हम खुद का भविष्य और आने ...
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हमारी सुबह यदि शुभ दर्शन और शुभ कार्यों के साथ शुरू होगी तो संपूर्ण दिन भी शुभ ही होगा।
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परंपराएं निरर्थक या अनावश्यक नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी छिपे होते हैं। जानिए ऐसी ही कुछ परंपराओं और उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को -
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ज्योतिष, हस्तरेखा और ग्रहों के आधार पर रोग और स्वास्थ्य की शिकायतों के बारे में जाना जा सकता है।
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इस वर्ष 5 अप्रैल 2020, रविवार को रवि प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। हमारे शास्त्रों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा है। रविवार को आने वाला यह प्रदोष व्रत स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
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बिस्तर से उठने के बाद सबसे पहले अपने हाथों को देखना चाहिए और शुभ व सरल मंत्र बोलना चाहिए। आइए अब जानते हैं कौन सी वे बातें हैं जिनसे सुबह-सुबह बचना चाहिए।
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रक्षासूत्र जातकों के ऊपर आने वाली कठिनाइयों और पीड़ाओं का शमन भी करता है, साथ ही भयंकर संकटों से भी बचाता है।
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अक्सर अच्छे दिन आने से पहले कुछ शुभ घटनाएं हमारे जीवन में घटित होती हैं। अगर आपको भी सुबह-सुबह या फिर जीवन में अचानक कुछ ऐसे बदलाव दिखें तो समझ लीजिए कि सौभाग्य का दरवाजा बस खुलने ही वाला है।
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वेदों में वायु की 7 शाखाओं के बारे में विस्तार से वर्णन मिलता है। अधिकतर लोग यही समझते हैं कि वायु तो एक ही प्रकार की होती है, लेकिन उसका रूप बदलता रहता है, जैसे ठंडी वायु, गर्म वायु और समान वायु लेकिन ऐसा नहीं है।
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शिव पुराण के अनुसार एक बार देवी पार्वती ने भगवान शिव से पूछा क्या कोई ऐसे संकेत होते हैं जिससे यह पता लग जाए कि मनुष्य की मृत्यु होने वाली है? या मनुष्य की मृत्यु निकटस्थ है। भगवान शिव ने कहा अवशय देवी और वे देवी पार्वती को बताने लगे...
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