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Guru Pushya Yog 2026: 'गुरु-पुष्य अमृत योग' आज, जानें महत्व, पूजा विधि और 4 अचूक उपाय

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Guru Pushya Amrit Yog: आज 18 जून 2026, दिन बृहस्पतिवार को गुरु-पुष्य के शुभ संयोग का निर्माण हुआ है। गुरु-पुष्य अमृत योग को ज्योतिष शास्त्र में बेहद शुभ और दुर्लभ योगों में से एक माना जाता है। जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तो इसे 'गुरु-पुष्य अमृत योग' कहा जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल देते हैं और जीवन में समृद्धि, सौभाग्य और सफलता लाते हैं।ALSO READ: 12 वर्षों के बाद बृहस्पति का गुरु पुष्य योग के दिन पुष्‍य नक्षत्र में गोचर, तुरंत करें 5 उपाय
 
  • गुरु-पुष्य योग का महत्व
  • घर पर कैसे करें पूजा, जानें विधि
  • सुख-समृद्धि हेतु आज के अचूक उपाय
 
आइए जानते हैं इस शुभ दिन का महत्व, पूजा विधि और कुछ खास उपाय:
 

गुरु-पुष्य योग का महत्व

पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस योग में शुरू किया गया कोई भी कार्य निर्विघ्न पूरा होता है और उसमें स्थायित्व आता है। इस दिन की गई पूजा, दान और निवेश का फल कभी नष्ट नहीं होता, यह अवसर अक्षय फल देता है। गुरु-पुष्य योग सोना, चांदी, भूमि, वाहन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाता है। गुरु की कृपा: बृहस्पति देव (गुरु) भाग्य, बुद्धि और धन के कारक हैं। पुष्य नक्षत्र के साथ इनका मिलना सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है।
 

घर पर कैसे करें पूजा, जानें विधि

इस शुभ संयोग पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विधान है।
 
ब्रह्म मुहूर्त में उठें: सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
 
संकल्प लें: मंदिर की सफाई करके हाथ में जल लेकर व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें।
 
चौकी स्थापना: एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
 
अभिषेक और तिलक: भगवान विष्णु को केसर मिश्रित दूध से अभिषेक कराएं। उन्हें पीले चंदन, पीले फूल, और अक्षत (बिना टूटे चावल) अर्पित करें।
 
भोग: भगवान को पीले रंग की मिठाई, बूंदी के लड्डू या चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं।
 
मंत्र जाप: तुलसी की माला से 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र' का जाप करें।
 
आरती: अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें।ALSO READ: देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, करियर-धन पर पड़ सकता है असर
 

सुख-समृद्धि हेतु आज के अचूक उपाय

 
यदि आप जीवन में आर्थिक तंगी, करियर में रुकावट या विवाह में देरी का सामना कर रहे हैं, तो आज के दिन ये उपाय जरूर करें:
 
1. सोने या पीतल की खरीदारी: सामर्थ्य के अनुसार आज थोड़ा सा सोना या चांदी खरीदें। अगर बजट कम है, तो पीतल का कोई बर्तन या सिक्का भी खरीद सकते हैं। इसे तिजोरी में रखने से बरकत होती है।
 
2. हल्दी का दान: मंदिर में जाकर चने की दाल, पीले कपड़े, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी का दान करें। इससे कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है।
 
3. मुख्य द्वार पर स्वस्तिक: घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और गंगाजल मिलाकर 'स्वस्तिक' का चिह्न बनाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और लक्ष्मी जी का आगमन होता है।
 
4. पीपल के वृक्ष की पूजा: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें। पीपल में त्रिदेवों का वास माना जाता है।
 
गुरु-पुष्य अमृत योग अत्यंत दुर्लभ और फलदायी योग माना जाता है। इस दिन किए गए छोटे से छोटे शुभ कार्य भी बड़े परिणाम देते हैं। यदि सही विधि और श्रद्धा से पूजा की जाए तो जीवन में धन, सफलता और सुख-शांति का मार्ग खुलता है।
 
विशेष नोट: गुरु-पुष्य योग में किसी भी प्रकार का अधार्मिक कार्य, उधार लेन-देन या किसी का अपमान करने से बचना चाहिए, ताकि शुभ फलों में कमी न आए।
 
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