यात्रा पर जाने से पहले, जरूर करें यह 6 काम

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1 यात्रा से पूर्व स्वर को पहचानें - यदि बहुत जल्दबाजी में यात्रा करना है तो ऐसी स्थिति में सबसे अच्‍छा है चौघड़िया या दुघड़िया मुहूर्त निकालकर उसके अनुसार यात्रा करें।
 
2 चौघड़ि‍या जानें - चौघड़िया तथा दुघड़िया दोनों में बहुत ही सामान्य से नियम को माना जाता है- जैसे, जो सांस चल रही हो, वही पैर यात्रा के लिए आगे बढ़ाना चाहिए। इसके बारे में गांवों में एक कहावत काफी प्रचलित है - जेहि सुर चले वही पग दीजै, काहे को पोथी-पत्रा लीजै।। अर्थात- जो स्वर चल रहा हो, उसी के अनुसार कदम आगे बढ़ाकर यात्रा पर जाना चाहिए।

3 यात्रा से पूर्व योगिनी विचार - यात्रा के दौरान योगिनी वास का भी विचार किया जाना चाहिए। योगिनी का अलग-अलग तिथियों को भिन्न-भिन्न दिशाओं में वास होता है। योगिनी का वास परिबा को पूर्व दिशा में, दूज को उत्तर में, तीज को आग्नेय कोण में, पंचमी को दक्षिण, षष्ठी को पश्चिम, सप्तमी को ईशान में होता है। फिर नवमी से योगिनी का सिलसिला इसी प्रकार दोहराया जाता है।

शुभ चौघड़िया मुहूर्त को ऐसे पहचानें..


 

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