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Adhik Maas Remedies 2026: अधिकमास के समापन करें ये 5 प्रभावशाली उपाय, मिलेगा श्रीविष्‍णु का आशीर्वाद

Scenes depicting the worship of Shri Hari Narayan upon the conclusion of the Purushottam Maas. The image show the temple, the idol of Shri Lakshmi-Narayan, devotees floating lamps in the river, and worshippers immersed in devotional kirtan and aarti
Purushottam Month 2026:अधिक मास (जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है) भगवान श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने के समापन पर किए गए कुछ विशेष उपाय व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट मिटाकर सुख-समृद्धि और विष्णु जी की असीम कृपा दिलाते हैं। इस बार 15 जून को अधिकमास की समाप्ति हो रही है।ALSO READ: अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में किए जाने वाले महादान कौन से हैं और उनका क्या फल मिलता है?
 

यदि आप भी अधिक मास के समापन पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो ये 5 प्रभावशाली उपाय जरूर करें:

 

1. पीले वस्त्र और फलों का दान

भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। अधिक मास के अंतिम दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले कपड़े, चने की दाल, केला, और केसरिया मिठाई दान करें।
 
लाभ: ऐसा करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
 

2. तुलसी पूजा और दीपदान

अधिक मास के समापन पर शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं। तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
 
विशेष ध्यान रखें: इस दिन तुलसी पत्र तोड़ने से बचें, केवल उनकी पूजा करें।
 
लाभ: इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर का वास्तु दोष दूर होता है।
 

3. पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक

समापन के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु या लड्डू गोपाल का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करें। अभिषेक के दौरान शंख का उपयोग करना बेहद शुभ माना जाता है।
 
महत्वपूर्ण: इस पंचामृत में तुलसी का पत्ता जरूर डालें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते।
 

4. पीपल के वृक्ष की सेवा

शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में त्रिदेवों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। अधिक मास के अंतिम दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और वहां एक चौमुखी यानी चार मुख वाला दीपक जलाएं।ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में इन तीर्थों की यात्रा से मिलेगा कई जन्मों का पुण्यफल
 
जल चढ़ाते समय मन में अपनी मनोकामना का स्मरण करें।
 
लाभ: इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है और अटके हुए काम पूरे होने लगते हैं।
 

5. श्रीसूक्त और विष्णु सहस्रनाम का पाठ

अधिक मास के आखिरी दिन घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए 'विष्णु सहस्रनाम' या 'श्रीसूक्त' का पाठ करें या इसे ऑडियो के माध्यम से घर में बजाएं।
 
यदि आप स्वयं पाठ कर रहे हैं, तो पीले आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।
 
लाभ: यह उपाय मानसिक शांति देता है और घर से नकारात्मक शक्तियों को हमेशा के लिए दूर रखता है।
 
एक छोटा सा टिप: अधिक मास के समापन पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार भूखे लोगों को भोजन जरूर कराएं या किसी गोशाला में हरी घास का दान करें। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा का फल भगवान विष्णु कई गुना बढ़ाकर वापस देते हैं।

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