पौष पूर्णिमा कब है, 10 काम जरूर करें इस दिन

नए साल (New Year 2022) की पहली पूर्णिमा सोमवार, 17 जनवरी 2022 को मनाई जा रही है। यह पौष मास की पूर्णिमा (Paush Purnima 2022) है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा (Purnima) के दिन नदी स्नान, जप, तप, दान और पूजन करने का बहुत माना गया है।

इस बार पौष शुक्ल पूर्णिमा (Paush Shukla Purnima) की तिथि दिन सोमवार, 17 जनवरी, 2022 को पड़ रही है। 17 जनवरी को देर रात 3.18 मिनट से पूर्णिमा तिथि शुरू होगी तथा मंगलवार, 18 जनवरी को सुबह 5.17 मिनट पर समाप्त होगी। सोमवार Monday को उदयातिथि प्राप्त होने के कारण पौष पूर्णिमा 17 जनवरी को मनाई जाएगी।

हिंदू धर्म में मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति पौष के महीने में नियमित सूर्यदेव की उपासना (Sun Worship) करें वह व्‍यक्‍ति वर्षभर स्‍वस्‍थ रहता है तथा संपन्‍नतापूर्ण जीवन जीता है। इतना ही नहीं अगर विशेष तौर पर पूर्णिमा के दिन सूर्य आराधना की जाए तो भाग्य सूर्य की भांति चमकता है।

पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) के दिन ये 10 कार्य (10 Karya) अवश्‍य करना चाहिए। जानिए यहां-

1. पौष पूर्णिमा के दिन स्नान के पश्चात भगवान सूर्यदेव (Sun Worship) और चंद्रदेव (Moon Worship) को अर्घ्य देने और दान करने से पुण्य लाभ मिलता है।

2. पौष पूर्णिमा Paush Purnima के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके नारंगी और हल्के लाल रंग के वस्त्र धारण करके सूर्यदेव को अर्घ्य चढ़ाना चाहिए।

3. पूर्णिमा के दिन चावल का दान शुभ माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, क्योंकि चावल का संबंध चंद्रमा से होने के कारण इस दिन चावल का दान अवश्‍य ही करना चाहिए।

4. पौष पूर्णिमा के दिन पानी में गंगाजल मिला कर तथा कुश हाथ में लेकर स्नान करने और पितृ तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।

5. सुबह स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में जल भरकर और उसे अपने दोनों हाथों की हथेली में रखकर 27 बार ऊंचे स्वर में 'ॐ' मंत्र का जाप करें, तत्पश्चात इस जल को अपने घर में सभी स्थानों पर छिड़क देने से जीवन में शुभता आती है।

6. मान्यतानुसार हर पूर्णिमा की तरह ही पौष पूर्णिमा के दिन भी पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है। अत: सुबह स्नान के पश्‍चात पीपल के वृक्ष के सामने कुछ मीठा चढ़ाएं और फिर जल अर्पित करके मां लक्ष्मी से प्रार्थना करनी चाहिए।

7. पौष पूर्णिमा के दिन 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' मंत्र का 108 बार रुद्राक्ष की माला से जाप करने से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं।


8. अगर पति-पत्नी पौष पूर्णिमा Paush Purnima के दिन चंद्रमा (Moon) को दूध का अर्घ्य देते हैं तो उनके दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।

9. अगर आप आर्थिक समस्या के दौर से गुजर रहे हैं तो पौष पूर्णिमा की रात चंद्रोदय के समय कच्चे दूध में चीनी और चावल डालकर चंद्रदेव को निम्न मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य देने आपकी समस्या धीरे-धीरे दूर हो जाएगी।

मंत्र- 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम:' या 'ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:' का जाप करें।

10. पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) के दिन भोजपत्र पर लाल चंदन से 3 बार गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) लिखकर अपने पर्स में रखने से लाभ मिलता है, तथा निरंतर धन प्राप्ति के योग बनते हैं।

Purnima Remedies






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