विप्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

बेंगलुरू| भाषा|
शीर्ष आईटी कंपनी विप्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 66.6 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बीजी ज्योतिप्रकाश मिर्जी के मुताबिक आरोपियों की पहचान बिहार निवासी राजीव रंजन (30), आंध्रप्रदेश निवासी मोहम्मद अजर (25) तमिलनाडु निवासी सत्यप्रिया और केरल के रहने वाले एमएन नारायण (29) के रूप में की गई है।

उन्होंने इन लोगों के कामकाज के तरीके के बारे में बताया कि प्रिया नौकरी चाहने वालों को अपने जाल में फंसाती थी और उनके दस्तावेज एवं मूल प्रमाण-पत्र एकत्र करती थी। वह उन्हें बेंगलुरु स्थित विप्रो कंपनी में नौकरी दिलाने का वादा भी करती थी।
पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने नौकरी चाह रहे प्रत्येक व्यक्ति से 1.8 लाख रुपए भी लिए। आरोपियों ने इन लोगों का कंपनी के एक व्यक्ति से साक्षात्कार भी कराया, जिसे उन्होंने कंपनी के मानव संसाधन विभाग के एक कर्मचारी के रूप में पेश किया था। मिर्जी ने बताया कि विक्रेताओं को जारी किए गए प्रवेश कार्ड के जरिए आरोपी कंपनी में घुसने में कामयाब हुए।
उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने उम्मीदवारों को सॉफ्टवेयर प्रशिक्षु इंजीनियर का नियुक्ति पत्र दिया, जिस पर सालाना वेतन 2.94 लाख रुपए लिखा हुआ था। यह गिरोह उस वक्त प्रकाश में आया, जब एक उम्मीदवार को कुछ गड़बड़ी नजर आई और उसने पुलिस को सूचित किया।

उन्होंने बताया कि यह गिरोह करीब 40 दिनों से चल रहा था और अभी तक यह 37 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 58.43 लाख रुपए के सामान, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, सोने के जेवरात, वाहन और जाली ‘लेटर हेड’ बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गिरोह के तीन सदस्य प्रबंधन का पाठ्यक्रम कर रहे हैं। आरोपियों ने विप्रो के ‘लोगो’ (प्रतीक चिह्न) की नकल भी लेटर हेड पर बना रखी थी। बहरहाल, पुलिस को इस गिरोह में विप्रो के किसी कर्मचारी के शामिल होने के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। (भाषा)



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