AMRI अस्पताल पर 5.96 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली| भाषा|
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कोलकाता स्थित एएमआरआई अस्पताल को तथा तीन डॉक्टरों को वर्ष 1998 के चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में आदेश दिया कि वे अमेरिका में बसे भारतीय मूल के एक डॉक्टर कुणाल साहा को 5.96 करोड़ रुपए बतौर मुआवजा दें। भारतीय चिकित्सा इतिहास में किसी भी अस्पताल पर किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है।

चिकित्सकीय लापरवाही के चलते डॉ. कुणाल साहा की पत्नी अनुराधा साहा की एएमआरआई अस्पताल में मौत हो गई थी। डॉ साहा ओहायो में एड्स के अनुसंधानकर्ता हैं। जब अनुराधा की मौत हुई थी, तब उनकी उम्र 36 साल थी।

न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति वी. गोपाल गौड़ा की पीठ ने अस्पताल से तथा तीनों डॉक्टरों से कहा कि वे आठ सप्ताह के अंदर डॉ. साहा को मुआवजा राशि दें। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने वर्ष 2011 में डॉ साहा को 1.73 करोड़ रुपए दिए जाने का आदेश दिया था।
उच्चतम न्यायालय ने मुआवजा राशि बढ़ाते हुए अस्पताल से कहा कि वह डॉ. साहा को छह फीसदी की दर से ब्याज भी दे। न्यायालय ने कहा कि मुआवजे की कुल राशि में से डॉ बलराम प्रसाद और डॉ. सुकुमार मुखर्जी 10-10 लाख रुपए तथा डॉ. बैद्यनाथ हलदर 5 लाख रुपए आठ सप्ताह के अंदर डॉ. साहा को देंगे।

पीठ के अनुसार, शेष राशि का ब्याज सहित भुगतान अस्पताल द्वारा किया जाएगा। साथ ही पीठ ने मुआवजा राशि के भुगतान के बाद अपने समक्ष एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया। (भाषा)

 

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