बचत खाते पर मिलेगा ज्यादा ब्याज
बैंक में बचत खाता धारकों के ब्याज की गणना एक अप्रैल से दैनिक आधार पर होगी जिसका लाभ खाताधारकों को हो सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंक एक अप्रैल से बचत जमाओं पर ब्याज की गणना दैनिक आधार पर करेंगे। अब तक ब्याज की गणना बचत बैंक खाते में महीने की दस तारीख से लेकर अंतिम तारीख तक उपलब्ध न्यूनतम राशि के आधार पर की जाती थी।
बचत खाते पर फिलहाल 3.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है, जो छमाही आधार पर मार्च व सितंबर में दिया जाता है। यह अलग बात है कि ब्याज गणना की नई व्यवस्था के बावजूद ब्याज का भुगतान हर छह माह में किया जाएगा।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अध्यक्ष एलन परेरा ने कहा कि कल से नए नियम अस्तित्व में आ रहे हैं और इससे बैंकों की कोष लागत 30-40 प्रतिशत बढ़ जाएगी। उनके अनुसार यह कहना कठिन होगा कि इससे व्यक्तिगत बचत खाताधारकों को कितना लाभ होगा।
कॉर्पोरेशन बैंक के कार्यकारी निदेशक असित पाल के अनुसार नई गणना प्रणाली ग्राहकों के लिए फायदे का सौदा रहेगी। उन्होंने कहा कि मान लीजिए आपके खाते में 500 रुपए हैं और अगले दिन यह राशि 700 रुपए हो जाती है। ऐसे में 3.5 प्रतिशत सालाना दर की ब्याज दोनों राशियों पर दैनिक आधार पर लगेगी। पाल ने कहा कि कंप्यूटरीकरण के बाद बैंकों के लिए हर खाते की गणना दैनिक आधार पर करना संभव हो गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 2009-10 की सालाना मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा था कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा बचत खातों को ब्याज भुगतान की गणना एक अप्रैल 2010 से दैनिक आधार पर की जाएगी। (भाषा)
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंक एक अप्रैल से बचत जमाओं पर ब्याज की गणना दैनिक आधार पर करेंगे। अब तक ब्याज की गणना बचत बैंक खाते में महीने की दस तारीख से लेकर अंतिम तारीख तक उपलब्ध न्यूनतम राशि के आधार पर की जाती थी।
बचत खाते पर फिलहाल 3.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है, जो छमाही आधार पर मार्च व सितंबर में दिया जाता है। यह अलग बात है कि ब्याज गणना की नई व्यवस्था के बावजूद ब्याज का भुगतान हर छह माह में किया जाएगा।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अध्यक्ष एलन परेरा ने कहा कि कल से नए नियम अस्तित्व में आ रहे हैं और इससे बैंकों की कोष लागत 30-40 प्रतिशत बढ़ जाएगी। उनके अनुसार यह कहना कठिन होगा कि इससे व्यक्तिगत बचत खाताधारकों को कितना लाभ होगा।
कॉर्पोरेशन बैंक के कार्यकारी निदेशक असित पाल के अनुसार नई गणना प्रणाली ग्राहकों के लिए फायदे का सौदा रहेगी। उन्होंने कहा कि मान लीजिए आपके खाते में 500 रुपए हैं और अगले दिन यह राशि 700 रुपए हो जाती है। ऐसे में 3.5 प्रतिशत सालाना दर की ब्याज दोनों राशियों पर दैनिक आधार पर लगेगी। पाल ने कहा कि कंप्यूटरीकरण के बाद बैंकों के लिए हर खाते की गणना दैनिक आधार पर करना संभव हो गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 2009-10 की सालाना मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा था कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा बचत खातों को ब्याज भुगतान की गणना एक अप्रैल 2010 से दैनिक आधार पर की जाएगी। (भाषा)
