ओबामा और मनमोहनसिंह में चर्चा

अफगानिस्तान व जलवायु परिवर्तन पर बातचीत

PIB
प्रधानमंत्री कार्यालय ने आज यहाँ कहा कि मनमोहन और ओबामा के बीच हुई इस संक्षिप्त बातचीत में दोनों नेताओं के बीच पर कोपेनहेगेन में होने वाले सम्मेलन के बारे में भी चर्चा हुई।

सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा कि भारत बातचीत में एक सकारात्मक भूमिका निभाएगा और कोपेनहेगेन सम्मेलन के सफल परिणाम की प्रतीक्षा में है।

वॉशिंगटन में ओबामा और सिंह की मुलाकात के तुरंत बाद ही दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत हुई है। वॉशिंगटन में दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान मुद्दे पर प्रमुखता से चर्चा हुई थी।

प्रधानमंत्री ने कहा था-यह महत्वपूर्ण होगा कि सभी बड़ी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शक्तियाँ अफगान सरकार का सहयोग करें, तभी अफगानिस्तान अपनी चुनौतियों से पार पा सकेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने क्षेत्र में उग्रवाद और हिंसा से निपटने के महत्व पर जोर देते हुए क्षेत्र में इससे गंभीरतापूर्वक निपटने पर जोर दिया था।

भारत महसूस करता है कि अफगानिस्तान से उत्पन्न आतंकवादियों की लगातार धमकियों के बीच विश्व समुदाय को वहाँ अपना काम करना चाहिए और समय सीमा से पहले वहाँ से हटने के बारमें विचार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आतंकवादियों का मनोबल बढ़ेगा। सिंह का यह विचार है कि आतंकवाद से मुकाबले के लिए भारत और अमेरिका को और अधिक सहयोग करने की जरूरत है।

नई दिल्ली | भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 1 दिसंबर 2009 (14:10 IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज प्रधानमंत्री से बातचीत कर अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच में शांति और स्थिरता लाने के लिए जरूरी कदम पर भी बात हुई।
पिछले हफ्ते सिंह ने वॉशिंगटन में कहा था-मुझे आशा है कि विश्व समुदाय को वहाँ उस प्रक्रिया में रूकने की पूरी आजादी होगी और समय सीमा से पहले वहाँ से निकलने की बात करने से आतंकवादियों को मजबूती मिलेगी, जो न केवल विश्व के हमारे हिस्से को अस्थिर करना चाहते हैं, बल्कि हर जगह सभ्य समाज को भी अस्थिर करना चाहते हैं। (भाषा)



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