सत्यनारायण पटेल

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का जन्म के बिचौली मरदाना में 25 जुलाई 1967 को हुआ था। उनके पिता रामेश्वर पटेल प्रदेश शासन में मंत्री थे। वाणिज्य में स्नातक करने के साथ कमर्शियल पायलेट का लाइसेंस भी प्राप्त किया है।

कृषि कार्यों से जुड़ें हैं तथा शैक्षणिक संस्था भी संचालित करते हैं। फिलहाल, राहुल के प्रयोग के तहत सत्यनारायण पटेल को इंदौर से लोकसभा उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए नए प्रयोग, ‘प्राइमरी प्रोजेक्ट’ के तहत पार्टी पदाधिकारियों ने सत्यनारायण पटेल को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए इंदौर सीट के उम्मीदवार के रूप में चुना।

वैसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस संबंध में अंतिम मुहर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नीत केंद्रीय चुनाव समिति लगाएंगी। कांग्रेस की रीतियों-नीतियों से प्रेरित व प्रभावित होकर पटेल ने 16 की आयु में ही बाल सदस्य के रूप में पार्टी में प्रवेश किया।

1983 में नई दिल्ली में हुए सेवादल के राष्ट्रीय शिविर में बाल सदस्य के रूप में भागीदारी की। इस शिविर में उनके द्वारा की गई उत्साहपूर्वक भागीदारी से अखिल भारतीय कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव राजीव गांधी काफी प्रभावित हुए।
गांधी ने शिविर के अंतिम दिन पटेल को विशेष रूप से सम्मानित किया था। तब से राजीव गांधी को आदर्श मानते हुए सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनके बताए रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहे है।

1985 से 87 तक एनएसयूआई के जिला पदाधिकारी रहे। 1989 में लोकतंत्र की प्रथम सीढ़ी ग्राम पंचायत के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। ग्राम पंचायत बिचौली मर्दाना के पंच एवं तत्पश्चात निर्विरोध उपसरपंच निर्वाचित हुए।
ज़िला कांग्रेस ने 1990-91 इंदौर ज़िला युवक कांग्रेस का महामंत्री नियुक्त किया। प्रदेश कांग्रेस ने 1991-93 प्रदेश युवक कांग्रेस का महामंत्री पद नियुक्त किया। 1995-96 में मप्र कांग्रेस पंचायत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहे।

बहरहाल, प्रत्याशी के रूप में चयन किए जाने पर कांग्रेस के आंतरिक चुनाव में अपनी जीत से उत्साहित पटेल ने कहा कि इंदौर लोकसभा सीट पर भाजपा का 25 साल पुराना वर्चस्व खत्म करने के लिए वे अपने दल के वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं की मदद से रणनीति बनाएंगे।
पिछले चुनावों में पटेल, वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन से 11,480 मतों से हारे थे। महाजन की यह लगातार 7वीं बार यह सीट जीती थी। इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार के रूप में चुने गए पटेल नवंबर 2013 के विधानसभा चुनावों में अपनी परंपरागत देपालपुर सीट नहीं बचा सके थे और उन्हें भाजपा प्रत्याशी मनोज पटेल के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सामाजिक कार्य, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक आयोजन, घुड़सवारी, पायलेटिंग और निशानेबाजी में विशेष रुचि है।



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