सिने-मेल (21 अगस्त 2007)

Cine-Mail
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प्रिय पाठको,
वेबदुनिया के बॉलीवुड के सेक्शन में नित नई, मनोरंजक, आकर्षक, दिलचस्प और चटपटी सचित्र जानकारियाँ देने की हमारी कोशिश रहती है। इन्हें पढ़कर आपको कैसा लगता है, हम जानना चाहते हैं।

आपकी बॉलीवुड संबंधी प्रतिक्रिया और सुझाव हम 'सिने-मेल' में प्रकाशित करेंगे। हमें इंतजार है आपके ई-मेल का।

धमाल फिल्म की कहानी मुझे बेहद पसंद आई। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म जरूर हिट होगी।
- संजय प्रजापति ([email protected])

चक दे इंडिया की समीक्षा पढ़कर मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने फिल्म ही देख ली हो।
- हिमांशु कालिया ([email protected])

सना नवाज़ का बॉलीवुड में आगाज़ पढ़कर पता चला कि पाकिस्तानी अभिने‍त्री को भारत की फिल्म में काम मिला। मुझे समझ में नहीं आता कि क्या भारतीय अभिनेताओं को पाकिस्तान की किसी फिल्म में आज तक काम मिला है, जो हम हमारी फिल्मों और टीवी पर पाक कलाकारों को मौका देते रहते हैं।
- नवनीत मेहता ([email protected])

चक दे इंडिया बहुत उम्दा फिल्म है। ये एक खेल पर आधारित फिल्म ना होकर देशभक्ति को बढ़ाने वाली फिल्म है। इतनी अच्छी फिल्म बनाने के लिए शिमित अमीन और शाहरुख खान को बधाई। उम्मीद है कि भविष्य में भी वे ऐसी बेहतर फिल्म बनाएँगे।
- निखिल शर्मा ([email protected])

सुरक्षित जमीन की तलाश में फिल्मी सितारे आलेख से मैं पूरी तरह सहमत हूँ। हर व्यक्ति को अपना पैसा व्यापार, जमीन, बैंक में लगाने का पूरा हक है। यह अच्छी बात है।
समय ताम्रकर|
- मिथिलेश कुमार ([email protected])

 

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