सिने-मेल (18 सितंबर 2007)

समय ताम्रकर|
धमाल फिल्म हास्य से भरपूर है। मैं जावेद जाफरी को बेहद पसंद करता हूँ।
- कासिम ([email protected])
- शिव शंकर ([email protected])
- भरत कुमार ([email protected])

सलमान खान की बात ही निराली है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि उनका मामला जल्द से जल्द निपट जाए। मुझे ‘सलमान और उनकी प्रेमिकाएँ’ आलेख बेहद पसंद आया।
- खूमेन्द्र साहू ([email protected])
दर्शक अगर ये मान ले कि गलती उन्होंने की है जो ज्यादा अच्छा होगा। कभी भी किसी की किसी से तुलना नहीं करना चाहिए। ‘दीवार’ के अमिताभ और ‘आग’ के अमिताभ एक जैसे नहीं दिखते हैं। ‘शोले’ से ‘रामगोपाल वर्मा की आग’ की तुलना क्यों कर रहे हो और कह रहे हो कि आग राख हो गई।
- अरविंद सक्सेना ([email protected])
रामगोपाल वर्मा की आग : सिर्फ राख की समीक्षा से मैं पूरी तरह सहमत हूँ। यह फिल्म बकवास है। मैं तो रामगोपाल वर्मा को पत्र लिखकर पैसे वापस माँगने वाला हूँ।
- अभिषेक उपाध्याय ([email protected])

रामगोपाल वर्मा की आग एकदम घटिया फिल्म है।
- प्रमोद ([email protected])
रामगोपाल वर्मा की आग की समीक्षा पढ़कर मैंने ‍फिल्म देखने का अपना इरादा बदल दिया। मेरे पैसे बचाने के लिए धन्यवाद।
- चेमनाल खानवलकर ([email protected])

रामगोपाल वर्मा की आग की समीक्षा बेहद अच्छी है। इस फिल्म के बाद कोई भी रीमेक बनाने की हिम्मत नहीं करेगा। - समीर प्रभाकर शिंदे ([email protected])

गीत-गंगा ‘जीना यहाँ, मरना यहाँ’ बेहद पसंद आई। इस आलेख से मुझे कई नई जानकारियाँ प्राप्त हुई। उस दौर में गीतों को बेहद उम्दा तरीके से लिखा जाता था।
- पवन झा ([email protected])

जब वी मेट की कहानी पढ़ने के बाद मुझे लगता है कि यह एक उम्दा फिल्म होगी। शाहिद और करीना को मेरी शुभकामनाएँ। - दिवाकर सिंह परिहार ([email protected])

बुढ्ढा मर गया बेहद घटिया फिल्म है। पूरी फिल्म फूहड़ है और इसे परिवार के साथ नहीं देखा जा सकता है।
- युगराज सिंह ([email protected])

ऐश्वर्या के लिए नायकों की कमी पढ़ने के बाद मुझे ऐसा लगा कि अब उसे फिल्मों में काम नहीं करना चाहिए। वह अब बिग-बी परिवार की बहू है और पैसे ‍के लिए उसे अपने परिवार का नाम खराब नहीं करना चाहिए। - पवन कुमार शर्मा ([email protected])

स्टार वाइस ऑफ इंडिया के आभास ही इस कार्यक्रम के विजेता बनेंगे। आभास, तुम को हम बहनों की ताकत है। आभास जोशी स्नेह मंच, जबलपुर की बालिकाओं ने राखी पर अपने भैया के लिए वोट की लगातार अपील करने के कारण अपना लंच भी नहीं ले पाई। उनके सर पर आभास को जिताने की धुन सवार थी।
- गिरीश बिल्लौरे ([email protected])
डार्लिंग फिल्म बेहद बुरी है। इस फिल्म में कुछ भी नया नहीं है।
- छवि भटनागर ([email protected])

धमाल देखकर मजा आ गया। पूरी फिल्म में हँसी के फव्वारे छूटते रहते हैं।
- मनोज गुप्ता ([email protected])
ढोल फिल्म की कहानी पढ़ने के बाद मुझे लगा कि यह फिल्म हिट नहीं हो पाएगी। इस फिल्म की कहानी ‘नई पड़ोसन’ से मिलती-जुली है।
- मंजू ([email protected])

हम ऐश्वर्या और सलमान को साथ में फिल्म करते हुए देखना चाहते हैं। दोनों की जोड़ी बेहद अच्छी लगती है।
- संतोष और महेन्द्र ([email protected])
मैं शाहरुख खान का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ। मुझे उनके बारे में लिखा गया आलेख ‘शाहरुख खान : नंबर वन की पोज़ीशन बरकरार’ अच्छा लगा। मैं चाहता हूँ कि शाहरुख अमिताभ को भी पीछे छोड़ दे।
- शाम्स आलम ([email protected])

 

और भी पढ़ें :