1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. अक्षय तृतीया
  4. ways to bring prosperity in the home on Akshaya Tritiya
Last Updated : सोमवार, 20 अप्रैल 2026 (09:32 IST)

Akshaya Tritiya Festival 2026: अक्षय तृतीया: भीषण गर्मी में ये 5 वस्तुएं दान करने से घर आएगी बरकत

अक्षय तृतीया पर दान से संबंधित फोटो
Donating food on Akshaya Tritiya: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन केवल खरीदारी के लिए नहीं, बल्कि 'दान की शक्ति' को पहचानने का पर्व है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन किया गया दान 'अक्षय' हो जाता है, जिसका अर्थ है कि उस पुण्य का फल जन्म-जन्मांतर तक कभी समाप्त नहीं होता। चूंकि अक्षय तृतीया वैशाख मास की चिलचिलाती गर्मी के बीच आती है, इसलिए इस दिन 'शीतल वस्तुओं' के दान का विशेष महत्व है।ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: बस ये 15 दान बदल देंगे आपकी किस्मत, बरकत के लिए घर लाएं ये 12 चीजें

 

यदि आप सोच रहे हैं कि भीषण गर्मी में कौन सी वस्तुएं दान करें जो सबसे ज्यादा फलदायक हों, तो यहां हम आपको पांच महत्वपूर्ण विकल्प बता रहे हैं।...

 

1. गौ सेवा और पक्षियों को दाना

अक्षय तृतीया पर गाय को गुड़ और हरा चारा खिलाना 33 कोटि देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने के समान है। साथ ही, पक्षियों के लिए किसी पेड़ पर 'परिंडा' यानी पानी का पात्र बांधना और दाना डालना मानसिक शांति और राहु-केतु के दोषों से मुक्ति दिलाता है।
 

2. अन्न दान (सत्तू और अनाज)

वैशाख माह में सत्तू का दान विशेष फलदायी है। सत्तू शीतल होता है और पाचन के लिए उत्तम है।
 
घर आती है बरकत: इस दिन सत्तू, चावल या दाल का दान करने से मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मिलता है और घर के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।
 

3. रसीले फल (तरबूज और खरबूजा)

इस दिन मौसमी फल जैसे खरबूजा, तरबूज या आम का दान करना चाहिए।
 
महत्व: ये फल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं। धार्मिक दृष्टि से, रसीले फलों का दान जीवन में मधुरता और संतुष्टि लाता है।
 

4. वस्त्र और छाया (छाता और पंखा)

गर्मी से राहत दिलाने वाली वस्तुओं का दान सूर्य देव के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है।
 
उपाय: किसी जरूरतमंद को हाथ का पंखा, छाता या चप्पल दान करें। यह दान राहगीरों और असहाय लोगों के कष्टों को दूर करता है, जिससे आपके जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं।
 

5. जल दान (सबसे बड़ा पुण्य)

भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा धर्म माना गया है। अक्षय तृतीया पर जल से भरा मिट्टी का घड़ा या मटका दान करना अत्यंत शुभ है।
 
कैसे करें: घड़े को पानी से भरकर उस पर खरबूजा या सत्तू रखकर किसी ब्राह्मण या मंदिर में दें। इसे 'धर्म घट' दान कहा जाता है, जिससे पितृ प्रसन्न होते हैं और कुंडली के दोष शांत होते हैं।
 

दान करते समय ध्यान रखने योग्य 3 बातें

निस्वार्थ भाव: दान हमेशा निस्वार्थ भाव से करें। दिखावे के लिए किया गया दान पूर्ण फल नहीं देता।
 
सुपात्र को दान: दान उसे दें जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता हो। किसी भूखे को भोजन या प्यासे को जल देना ही वास्तविक पुण्य है।
 
संकल्प: दान करने से पहले हाथ में थोड़ा जल लेकर दान करने का संकल्प लें, इससे फल की प्राप्ति निश्चित होती है।
 
'अक्षय तृतीया का दिन संचय (अर्थात् किसी भी चीजों को जरूरत से ज्यादा इकट्ठा करना) से ज्यादा त्याग का दिन है। जब आप समाज और प्रकृति को शीतल जल और अन्न प्रदान करते हैं, तो कुदरत आपको 'अक्षय' समृद्धि के रूप में वापस लौटाती है।'
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: भारतीय राज्य केरल को भगवान परशुराम ने किया था स्थापित
लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
Summer Health: लू से बचना है? तो ये 5 'देसी ड्रिंक्स' हैं आपके रक्षक