अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदना चाहिए?
Rock Salt: अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा तो जगजाहिर है, लेकिन हाल के वर्षों में नमक खरीदने का महत्व भी काफी तेजी से बढ़ा है। खासकर सेंधा नमक खरीदने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुछ ठोस धार्मिक कारण हैं बताए जाते हैं। इससे घर की नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है और घर में बरकत रहती है।
1. माता लक्ष्मी से संबंध
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नमक की उत्पत्ति समुद्र से हुई है और माता लक्ष्मी भी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। इस नाते नमक को माता लक्ष्मी का 'भाई' माना जाता है। अक्षय तृतीया पर नमक खरीदकर घर लाने का अर्थ है माता लक्ष्मी के स्वरूप को घर में स्थान देना।
2. नकारात्मकता का नाश
नमक नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। अक्षय तृतीया एक "अक्षय" तिथि है (जिसका पुण्य कभी खत्म न हो), इसलिए इस दिन नया नमक लाकर पुराने नमक को घर से हटा देना घर की दरिद्रता और क्लेश को दूर करने का प्रतीक माना जाता है।
3. बरकत और संपन्नता
ऐसी मान्यता है कि इस दिन नमक खरीदने से घर में साल भर धन और धान्य की कमी नहीं होती।
उपाय: इस दिन खरीदे गए नमक का उपयोग करके यदि घर में पोंछा लगाया जाए या उसे कांच के बर्तन में भरकर रखा जाए, तो यह वास्तु दोष को भी शांत करता है।
इस दिन नमक के साथ क्या करें?
यदि आप अक्षय तृतीया पर नमक खरीदते हैं, तो इन छोटी बातों का ध्यान रखें:
दान: इस दिन नमक का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे पितृ दोष में शांति मिलती है।
पहला उपयोग: नए नमक का इस्तेमाल इस दिन बनने वाले विशेष प्रसाद या भोजन में जरूर करें।
सेंधा नमक: यदि संभव हो तो साधारण नमक के साथ सेंधा नमक (Rock Salt) भी खरीदें, इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
एक रोचक तथ्य: ज्योतिष में नमक का संबंध शुक्र (Venus) और चंद्र (Moon) से है। शुक्र सुख-सुविधाओं का कारक है और चंद्र मन का। अक्षय तृतीया पर नमक लाने से इन दोनों ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे मानसिक शांति और भौतिक सुख बढ़ते हैं।
संक्षेप में: सोना खरीदना हर किसी के बजट में नहीं होता, लेकिन नमक हर कोई खरीद सकता है। यह इस त्योहार की इस भावना को दर्शाता है कि सौभाग्य पर सबका समान अधिकार है।
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वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।....
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