32 वर्षों से जिसकी उपेक्षा की, आज वही बना कांग्रेस का सहारा

नई दिल्ली| Naidunia| पुनः संशोधित मंगलवार, 27 मार्च 2012 (01:19 IST)
पिछले 32 वर्षों से का झंडा उठाए समाज सेवा कर रहे रणबीर सोलंकी को पार्टी ने कार्यकर्ता से अधिक कुछ नहीं समझा, लेकिन आज वही रणबीर मधु विहार वार्ड में पार्टी की इज्जत बचाने में सहायक हो गए हैं। इस वार्ड से पिछले कई वर्षों से कांग्रेस से टिकट मांग रहे रणबीर सोलंकी ने इस बार निर्दलीय पर्चा भरा था, लेकिन इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा नामांकन दाखिल करने में हुई देरी के कारण कांग्रेस का कोई प्रत्याशी ही इस सीट पर नहीं बचा था। कांग्रेस ने रणबीर सोलंकी को अपना समर्थन दे दिया।


रणवीर सोलंकी पिछले 32 वर्षों से पालम और उसके आसपास के गांवों की जन समस्याओं को सुलझाने वाले एक नाम बने हुए हैं। दिल्ली देहात के लोगों को वाजिब हक नहीं मिलने के कारण पिछले 16 वर्षों से उन्होंने अपने बाल-दाढ़ी नहीं कटवाए हैं। उन्होंने इन समस्याओं को सुलझाने के बाद ही दाढ़ी-बाल कटवाने का प्रण ले रखा है। नेताओं व अधिकारियों से मिलकर वह हर व्यक्ति की समस्या सुलझाते रहे, लेकिन कांग्रेस पार्टी उन्हें एक कार्यकर्ता और अधिक से अधिक एक पदाधिकारी से अधिक हैसितय देने को तैयार नहीं थी। रणवीर सोलंकी की इलाके में अच्छी पकड़ भी है।


मुकुंदराम भट्ट की तबियत लगातार खराब रहती है। कांग्रेस ने इस बार भी अपने विजेता पार्षद भट्ट को पार्टी का टिकट दिया। तबियत खराब होने के कारण मुकुंदराम भट्ट नामांकन दाखिल करने के लिए नामांकन केंद्र पहुंचने में खुद को असमर्थ पा रहे थे। उन्होंने अपने कवरिंग प्रत्याशी आनंद उपाध्याय को नामांकन के लिए भेजा, लेकिन आनंद दोपहर तीन बजे के बाद नामांकन केंद्र पहुंचे, जिस कारण वह अपना पर्चा दाखिल नहीं कर सके। रणवीर सोलंकी ने पहले ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा दाखिल कर दिया था। भाजपा ने यहां से पवन राठी को मैदान में उतारा है, जिन पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में भाजपा के समक्ष कांग्रेस का कोई प्रत्याशी ही नहीं था। कांग्रेस ने अंत में रणबीर सोलंकी को समर्थन देने की घोषणा कर दी।


रणबीर सोलंकी दिल्ली प्रदेश अनधिकृत कालोनी के महासचिव से लेकर दिल्ली प्रदेश में सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष तक रह चुके हैं। यही नहीं, पालम ब्लॉक यूथ कांग्रेस व बाहरी दिल्ली के भी वह सचिव रह चुके हैं। रणबीर सोलंकी ने इतना ही कहा, आखिर ईश्वर ने मेरी मेहनत को समझा और पार्टी ने मुझे समर्थन दिया। मैं दोनों को धन्यवाद देता हूं।

और भी पढ़ें : कांग्रेस सहारा