ेनामांकन के जश्न ने जमकर रुलाया लोगों को, चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था

नई दिल्ली| Naidunia| पुनः संशोधित मंगलवार, 27 मार्च 2012 (01:25 IST)
दिल्ली नगर निगम चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को वाहनों की लगी रेला व नेताओं की से समूची दिल्ली कराहती नजर आई। आलम यह रहा कि राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था लड़खड़ा गई। नई दिल्ली इलाके में तिब्बतियों के बवाल ने और भी मुश्किलें खड़ी कर दी। जाम और गर्मी से बेदम लोगों के सामने उफ! करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था।


नामांकन के आखिरी दिन होने के कारण बड़ी संख्या में सुबह से उम्मीदवार जिला उपायुक्त व उन्य जगहों पर बनाए गए चुनाव कार्यालय में पहुंचने शुरू हो गए थे। दिल्ली के प्रमुख ट्रैफिक मार्ग,आईटीओ, विकास मार्ग, पुश्ता रोड़, संसद मार्ग, समेत समूची दिल्ली में लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। पुश्ता चुंगी से लेकर आईटीओ तक वाहन चीटीं की तरह रेंगते नजर आए। आईटीओ मुख्य सड़क के समीप नामांकन कार्यालय होने के कारण जाम की स्थिति देर शाम तक बनी रही।


नई दिल्ली इलाके में तिब्बतियों के उग्र प्रदर्शन के कारण कई मार्गों पर मुश्किलें खड़ी हो गई। एक युवक के आत्मदाह के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को चकमा देकर संसद भवन की ओर कूच कर गए। इस कारण पटेल चौक व संसद मार्ग का इलाका पूरी तरह जाम में फंसा रहा। बाद में पुलिस ने करीब 400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया। रामपुरा, नंदनगरी के इलाकों में भी जाम की स्थिति देखी गई। पूर्वी जिला उपायुक्त कार्यालय में प्रत्याशियों की सबसे अधिक संख्या होने के कारण समर्थक टैम्पों, आरटीवी में लदकर पहुंच रहे थे। नामाकंन दाखिल करने के बाद प्रत्याशियों ने जुलूस निकाला जिससे सड़कों पर जाम लगा रहा। पूर्वी जिला उपायुक्त कार्यालय में कांग्रेस के प्रत्याशी गुरुचरण सिंह राजू के समर्थन में कई विधायक भी पहुंचे। हलांकि श्रीनिवासपुरी, गोविंदपुरी, कालकाजी, लाजपत नगर वार्ड का नामांकन कार्यालय एनडीएमसी मुख्यालय पालिका केंद्र में होने के कारण इन इलाकों में जाम की स्थिति नहीं रही। बाहरी दिल्ली इलाके में नामांकन कार्यालयों के बाहर नेताओं की जश्न से जाम की समस्या पैदा हो गई। पश्चिमी दिल्ली इलाके में भी जाम की स्थिति रही।

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