सेना प्रमुख को घूस की पेशकश पर भड़की भाजपा

नई दिल्ली| Naidunia| पुनः संशोधित मंगलवार, 27 मार्च 2012 (01:20 IST)
भाजपा ने सोमवार को मांग की कि रक्षा मंत्री एके एंटनी संसद को विश्वास में लें कि वह किस आधार पर एक सौदागर द्वारा सेना जनरल वीके सिंह को रिश्वत की पेशकश किए जाने के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच करा रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एंटनी को इस मामले की सीबीआई जांच कराने के निर्णय की वजह के बारे में संसद को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले इस मामले की सेना द्वारा ही जांच की जा सकती थी। ऐसा नहीं करके वह सेना में व्याप्त सुरक्षा एवं जांच-तंत्र की उपेक्षा कर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि जनरल सिंह ने खुलासा किया है कि एक कंपनी के 600 से अधिक घटिया वाहन खरीदने के लिए उन्हें एक सौदागर ने 14 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की थी। उन्होंने इसकी जानकारी रक्षा मंत्री एके एंटनी को दी थी।


जसवंत ने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि रक्षा मंत्री के अनिर्णय के कारण सेनाध्यक्ष को एक अखबार के जरिए यह मामला उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री को यह कहने के बजाय जनरल को प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए थी। पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने जनरल की शिकायत पर खुद क्या कार्रवाई की। भाजपा नेता ने कहा कि यह भी सवाल उठता है कि जनरल ने उन्हें रिश्वत की पेशकश करने वाले को उसी समय क्यों गिरफ्तार नहीं करवाया। इन सबके पीछे सूत्रधार कौन है इसका भी पता लगाया जाना चाहिए।

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