चीनी राष्ट्रपति के आगमन पर भड़की 'आग'

नई दिल्ली| Naidunia| पुनः संशोधित मंगलवार, 27 मार्च 2012 (01:20 IST)
ब्रिक्स सम्मेलन के चलते चीनी राष्ट्रपति के भारत आने के विरोध में सोमवार को जंतर-मंतर पर एक तिब्बती प्रदर्शनकारी ने खुद पर मिट्टी तेल छिड़क आग लगा ली और संसद मार्ग की तरफ दौड़ गया। जब तक सुरक्षा कर्मियों व अन्य लोगों ने उसकी आग बुझाई, 90 फीसदी झुलस चुका था। उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत नाजुक है।


घटना के बाद चीनी राष्ट्रपति के विरोध की 'आग' और भड़क गई। मौके पर जमा सैकड़ों प्रदर्शनकारी चीनी दूतावास की ओर जाने लगे। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस ने 250 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर तिहाड़ भेज दिया। सभी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत शांति भंग करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि ब्रिक्स सम्मेलन के चलने तक प्रदर्शनकारियों को तिहाड़ में ही रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि उस दौरान कोई बखेड़ा न हो। विभिन्ना देशों के बीच होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन राजधानी में 28 मार्च को होगा, जिसमें चीन के राष्ट्रपति भी शामिल होंगे। इसके विरोध में तिब्बतियन यूथ कांग्रेस ने पहले से विरोध जताने का ऐलान कर रखा था। इसी सिलसिले में सोमवार सुबह संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता रामलीला मैदान पर जमा हुए। उसके बाद पैदल मार्च करके जंतर मंतर पहुंचे। तिब्बती युवक हंगामा या आत्मदाह का प्रयास न करें, इसके लिए मौजूद पुलिस बल पहले से सतर्क था, इसके बावजूद दोपहर 12.15 बजे एक तिब्बती युवक पटेल स्मारक कार्यालय के बरामदे में जा घुसा और वहां खुद पर मिट्टी तेल छिड़क आग लगा ली। उसके बाद सड़क की ओर दौड़ गया।


आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक की पहचान 26 वर्षीय जैमयैम येशी के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार वह छह दिन पहले ही तिब्बत से इस प्रदर्शन में शामिल होने आया था। तिब्बतियन यूथ कांग्रेस के संयुक्त सचिव तेंजिन नॉरसैंग ने कहा कि तिब्बती युवकों के प्रदर्शन का मकसद तिब्बत पर चीन के अत्याचारों के बारे में दुनिया को बताना है। उन्होंने मांग की कि ब्रिक्स में शामिल अन्य देश चीन से तिब्बत को आजाद करने और अत्याचार रोकने की अपील करें।

और भी पढ़ें : चीनी आगमन