अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाना चाहिए। अनेक गरीबों ने सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने की शिकायतें की है। इन पर तत्काल कार्यवाही करते हुए अशांति पैदा करने वालों को जेल का रास्ता दिखाएं। ये हिदायत कलेक्ट्रेट के सभागार में कलेक्टर डॉ. मसूद अख्तर ने राजस्व अधिकारियों को दिए।
मंगलवार को उन्होंने समीक्षा बैठक में कहा कि राजस्व अधिकारी अपना सूचना तंत्र मजबूत रखे। हर महत्वपूर्ण जानकारी की समय पर सूचना तथा तत्काल कार्यवाही आवश्यक है। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम की शत-प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति में सहयोग के लिए अधिकारियों को बधाई दी।
दुरुस्त रखें व्यवस्था-
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारी अपना मूल कार्य भूल गए हैं। मूल पदीय दायित्व का ठीक से निर्वाह करते हुए अपने कार्यालय तथा अधीनस्थ कार्यालयों की व्यवस्था ठीक करें। प्रशासन को कार्य करने के साथ-साथ कार्य करते हुए दिखना भी चाहिए। उन्होंने भू-राजस्व तथा अन्य मदों में वसूली शत्-प्रतिशत करने के निर्देश दिए।
एक माह का अल्टीमेटम-
कलेक्टर ने कहा कि ब़ड़े बकायादारों को नोटिस देकर कुर्की की कार्यवाही करें। सबसे ब़ड़े बकायादार पर कार्यवाही होते ही लंबित राशि जमा होने लगेगी। तीन साल से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरणों का सुनवाई करके एक माह में निराकरण करें। ऋण पुस्तिकाओं का शत-प्रतिशत वितरण कराएं। इसमें ग़ड़ब़ड़ी करने वालों पर क़ड़ी कार्यवाही करें। पटवारियों का प्रत्येक मंगलवार को तय मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं पर राजस्व अधिकारी विशेष ध्यान दें। लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम में प्राप्त प्रकरणों का तय समय-सीमा में निराकरण करें।
समय पर दें प्रतिवेदन-
जन-सुनवाई, वरिष्ठ कार्यालयों, जन प्रतिनिधियों तथा मुख्यमंत्री जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से प्राप्त पत्रों पर प्रतिवेदन समय से प्रस्तुत करें। भ्रमण के समय सभी अधिकारी उचित मूल्य की दुकान, आंगनवा़ड़ी केन्द्र एवं शालाओं का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। मैदानी कर्मचारियों से मलेरिया तथा अन्य रोगों के प्रकोप, पेयजल संकट एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करते रहे। बैठक में सभी एसडीएम तहसीलदार तथा अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।