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मुख पृष्ठ » वेबदुनिया सिटी » मध्यप्रदेश » धार » धूम्रपान मुक्ति में सिरमौर बनने की कवायद
इंदौर संभाग में सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त करने की कवायद की जा रही है। संभाग में सबसे पहले धार को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जागरूकता की कमी के चलते यह काम चुनौतीपूर्ण है। 31 मई के पूर्व जिले को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए इस माह के दूसरे पखवाड़े में कुछ गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। प्रशासन का ऐसा मानना है कि दंड लगाने के मामले में लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है।


मप्र तंबाकू नियंत्रण समिति के पूर्व प्रांतीय नोडल अधिकारी डॉ. बीएम श्रीवास्तव ने कहा कि इंदौर संभाग के सभी जिलों में कवायद चल रही है। मालवा क्षेत्र में जितनी जागरूकता की उम्मीद थी, उतनी जागरूकता देखने को नहीं मिली है फिर भी कोशिशें जारी हैं। विदेशी संस्था व स्थानीय स्तर के एनजीओ के माध्मय से यह विशेष पहल की जा रही है। आगामी दिनों में कुछ न कुछ सफलता मिलने की उम्मीद जरूर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बहुत काम करने की आवश्यकता है।


ये हैं मापदंड

दरअसल किसी भी क्षेत्र या जिले को धूम्रपान मुक्त घोषित करने के लिए विभिन्ना मापदंड हैं। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान नहीं किए जाने का सूचना बोर्ड लगा होना जरूरी है। इसके अलावा इन स्थानों पर धूम्रपान करने पर बाकायदा रोक लगाई जाती हो। साथ ही क्षेत्र की आबादी का 25 प्रश भाग ऐसा हो जो धूम्रपान निषेध संबंधी कानूनों आदि से परिचित हो।


पहले तैयार, फिर होगी जाँच

इधर धूम्रपान निषेध के लिए नियुक्त जिला स्तरीय नोडल अधिकारी संदीप सोनी ने बताया कि 31 मई की बजाय हमने 31 मार्च का लक्ष्य बनाया है। जिले में बहुत अच्छा काम हो रहा है। आगामी दिनों में हम कुछ इस तरह की गतिविधि करना चाह रहे हैं, जिससे कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर नियंत्रण हो। उन्होंने कहा कि शहर में भी इसके लिए विभिन्ना होटलों आदि स्थानों की सूची बनाई जा रही है, जहाँ पर कवायद होगी। हम अपने स्तर पर सारी तैयारियाँ कर लेंगे उसके बाद बाहरी एजेंसी आकर इसे जाँचेगी। यदि मापदंड पर हम खरे पाए गए तो जिले को मार्च या मई माह तक धूम्रपान मुक्त घोषित करवाने में सफल हो जाएँगे। -निप्र

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