नोटबंदी के दो साल बाद फिर VIRAL हुई रोते हुए बुजुर्ग की तस्वीर, जानिए क्या है सच..

Last Updated: सोमवार, 12 नवंबर 2018 (13:23 IST)
नोटबंदी के दो साल पूरे हो चुके हैं। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। सरकार का तर्क था कि नोटबंदी से कालेधन और नकली करेंसी पर रोक लग जाएगी। वहीं, विपक्ष नोटबंदी की आलोचना करती आई है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक बुजुर्ग बैंक की
लाइन में खड़े होकर रोता दिख रहा था। उन्हें नोटबंदी का पीड़ित बताते हुए यह तस्वीर शेयर की जा रही है।

बीबीसी के पत्रकार सौतिक बिस्वास ने अपने ट्विटर हैंडल से यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘गुरूग्राम के एक बैंक में अपनी जगह खोने के बाद रोने वाला यह बुजुर्ग दो साल पहले नोटबंदी के कारण लोगों को हुई परेशानी का चेहरा बन गया
है
इसे लगभग डेढ़ हजार लोगों ने रिट्वीट किया है। ऐसे ही कई अन्य यूजर्स ने भी इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।



क्या है वायरल तस्वीर में?


वायरल तस्वीर में महिलाएं लाइन में लगी दिख रही हैं, उनमें से एक के हाथ में स्टेट बैंक का पासबुक देख लगता है कि यह बैंक में लगी कोई लाइन है। उनके पास एक बुजुर्ग आदमी रोता हुआ दिख रहा है।


आपको बता दें कि इसी फोटो को पिछले साल नोटबंदी की पहली सालगिरह पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया था।



क्या है इस तस्वीर की सच्चाई?

सच्चाई जानने के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल इमेज पर सर्च किया, तो कई न्यूज वेबसाइट और ट्विटर अकाउंट की लिंक सामने आई, जिसमें इस फोटो का इस्तेमाल किया गया था।


आपको बता दें कि यह तस्वीर पहली बार दिसंबर 2016 में वायरल हुई थी। दरअसल, इस फोटो को हिंदुस्तान टाइम्स के फोटो जर्नलिस्ट प्रवीण कुमार ने खिंचा था। यह तस्वीर गुरुग्राम में एसबीआई बैंक की ब्रांच के बाहर लाइन में खड़े 80 साल के रिटायर्ड आर्मी अफसर नंद लाल की है।

हमें ANI के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया नंदलाल का एक वीडियो भी मिला और कई न्यूज वेबसाइट्स की लिंक भी मिली जिसमें उन्होंने नोटबंदी की तारीफ भी की थी।


न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा था- ‘जो भी सरकार आए, मैं उसका इस्तकबाल करता हूं और मरते दम तक करूंगा। नोटबंदी से फायदा हुआ, उग्रवादियों ने शोर मचा रखा था’।



उन्होंने लाइन में खड़े होकर रोने वाली तस्वीर के बारे में बताया था कि लाइन में धक्का लगने की वजह से एक महिला उनका पैर पर चढ़ गई थी, जिससे उनके आंसू निकल गए थे।


भारतीय जनता पार्टी ने भी पिछले साल नंदलाल को नोटबंदी के पोस्टर ब्वॉय बनाने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया था।



हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा झूठा साबित हुआ है।



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