क्या मक्का-मदीना में शिवलिंग की पूजा की जाती है? जानिए सच

इंटरनेट के इस युग में एक ओर जहां टेक्‍नोलॉजी का इस्तेमाल सूचनाओं के आदान-प्रदान में किया जा रहा है तो दूसरी ओर इस टेक्‍नोलॉजी का इस्तेमाल करके भ्रम भी फैलाया जा रहा है। इन दिनों एक संदेश सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है, जिसे अलग ही रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। सोशल मीडिया में वायरल हुई एक तस्वीर ने सबको हैरान कर रखा है। इस के जरिए मुसलमानों के पवित्र धार्मिक स्थल मक्का-मदीना में होने का दावा किया जा रहा है।

क्या है वह वायरल तस्वीर..
तस्वीर में सफेद रंग के गुफानुमा कमरे में कई मुख वाला शिवलिंग दिखाई दे रहा है। तस्वीर में दो लोग खड़े दिख रहे हैं, जिनमें से एक व्यक्ति के सिर पर टोपी जैसी कोई चीज है। वहीं एक व्यक्ति जमीन पर लेटकर शिवजी को दंडवत प्रणाम करता दिख रहा है। इस तस्वीर के साथ मैसेज लिखा गया है, 'इतिहास में पहली बार मक्का-मदीना के शिवलिंग को दिखाया गया है, सभी से अनुरोध है कि इसे शेयर अवश्य करें.. ताकि सभी लोग देख सकें'।

यह है इस वायरल शिवलिंग का सच..
इस वायरल शिवलिंग का सच जानने के लिए जैसे ही हमने इस तस्वीर को गूगल इमेज सर्च के जरिए ढ़ूंढा, तो पता चला कि यह तस्वीर तो राजस्थान के विराटनगर की है। जयपुर से 90 किलोमीटर दूर स्थित विराटनगर में भीम की डूंगरी नाम की एक विशाल गुफा है, जहां पर यह शिवलिंग मौजूद है। बताया जाता है कि विराटनगर का संबंध महाभारत काल से है।

मान्यता है कि इस जगह का नाम वहां के राजा विराट के नाम पर रखा गया है। पांडवों ने अपने अज्ञातवास के लिए इसी जगह को चुना था और भेष बदलकर यहां एक वर्ष तक जीवन-यापन किया था। पांचों पांडवों में दूसरे नंबर के भाई भीम ने अज्ञातवास के दौरान इसी गुफा को रहने के लिए चुना था।

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