मकान की नींव में क्यों रखा जाता हैं इन खास चीजों को....


को विशेष रूप से रखा जाता है। इसके पीछे विशेष कारण हैं... आइए जानें...


ऐसा माना जाता है कि जमीन के नीचे है और इसके स्वामी हैं। पौराणिक ग्रंथों में शेषनाग के फन पर पृथ्वी टिकी होने का उल्लेख मिलता है।

शेषं चाकल्पयद्देवमनन्तं विश्वरूपिणम्।
यो धारयति भूतानि धरां चेमां सपर्वताम्।।
इन परमदेव ने विश्वरूप अनंत नामक देवस्वरूप शेषनाग को पैदा किया, जो पहाड़ों सहित सारी पृथ्वी को धारण किए है। उल्लेखनीय है कि हजार फनों वाले शेषनाग सभी नागों के राजा हैं। भगवान की शय्या बनकर सुख पहुंचाने वाले, उनके अनन्य भक्त हैं। बहुत बार भगवान के साथ-साथ अवतार लेकर उनकी लीला में भी साथ होते हैं। श्रीमद्भागवत के 10 वे अध्याय के 29 वें श्लोक में भगवान कृष्ण ने कहा है- अनन्तश्चास्मि नागानां यानी मैं नागों में शेषनाग हूं।
नींव पूजन का पूरा कर्मकांड इस मनोवैज्ञानिक विश्वास पर आधारित है कि जैसे शेषनाग अपने फन पर पूरी पृथ्वी को धारण किए हुए हैं, ठीक उसी तरह मेरे इस घर की नींव भी प्रतिष्ठित किए हुए चांदी के नाग के फन पर पूरी मजबूती के साथ स्थापित रहे। शेषनाग क्षीरसागर में रहते हैं। इसलिए पूजन के कलश में दूध, दही, घी डालकर मंत्रों से आह्वान पर शेषनाग को बुलाया जाता है, ताकि वे घर की रक्षा करें।

विष्णुरूपी कलश में लक्ष्मी स्वरूप सिक्का डालकर फूल और दूध पूजा में चढ़ाया जाता है, जो नागों को सबसे ज्यादा प्रिय है। भगवान शिवजी के आभूषण तो नाग हैं ही। लक्ष्मण और बलराम भी शेषावतार माने जाते हैं। इसी विश्वास से यह प्रथा जारी है।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

राशिफल

हर भगवान के वाहन के पीछे छुपा है कोई राज

हर भगवान के वाहन के पीछे छुपा है कोई राज
सारे देवी-देवता पशुओं पर ही सवार हैं। क्यों हर भगवान के साथ कोई पशु जुड़ा हुआ है? आपको ...

क्यों जलाते हैं पूजा में दीपक... जानिए राज

क्यों जलाते हैं पूजा में दीपक... जानिए राज
बिना दीपक पूजा की कल्पना संभव ही नहीं है। लेकिन दीपक क्यों जलाते हैं उसका शास्त्र सम्मत ...

अगर आपको आ रहे हैं यह सपने तो समझो बजने वाली है शहनाई

अगर आपको आ रहे हैं यह सपने तो समझो बजने वाली है शहनाई
शादी के सपने हर युवा मन देखता है। लेकिन कुछ सपने गहरी नींद में आकर संकेत देते हैं शादी ...

पुरुषोत्तम मास की दान सामग्री, जा‍नें तिथिनुसार क्या दान ...

पुरुषोत्तम मास की दान सामग्री, जा‍नें तिथिनुसार क्या दान करें...
पुरुषोत्तम मास में श्रीहरि विष्णु पूजन के साथ तिथि अनुसार दान करने से मानव को कई गुणा ...

वर्ष 2018 में आनेवाले रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य के शुभ संयोग ...

वर्ष 2018 में आनेवाले रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य के शुभ संयोग जानिए
पुष्य नक्षत्र जब गुरुवार एवं रविवार के दिन होता है तब इसे गुरु-पुष्य एवं रवि-पुष्य संयोग ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास ...

क्या है राशि, किस राशि से कैसे जानें भविष्य, पढ़ें सबसे खास जानकारी
आकाश में न तो कोई बिच्छू है और न कोई शेर, पहचानने की सुविधा के लिए तारा समूहों की आकृति ...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...

9 ग्रहों की ऐसी पौराणिक पहचान तो कहीं नहीं पढ़ी...
भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चन्द्रमा, बुध, शुक्र, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, जानिए कैसे
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड 360 अंशों में विभाजित है। इसमें 12 राशियों में से प्रत्येक राशि के 30 ...

गंगा दशहरा 2018 : स्नान और दान का पुण्यपर्व, जानिए क्या है ...

गंगा दशहरा 2018 : स्नान और दान का पुण्यपर्व, जानिए क्या है महत्व
वर्ष 2018 में गंगा दशहरा का पावन पर्व 24 मई, गुरुवार को मनाया जा रहा है। ज्येष्ठ शुक्ला ...

25 मई से बनेगा अनिष्टकारी अंगारक योग, बढ़ेंगी प्राकृतिक ...

25 मई से बनेगा अनिष्टकारी अंगारक योग, बढ़ेंगी प्राकृतिक आपदाएं और दुर्घटनाएं...
25 मई से एक योग बनने वाला है जिसमें न सिर्फ कुछ राशियों के जातकों का अमंगल होगा अपितु कई ...