मां सरस्वती के यह मंत्र देते हैं ज्ञान, बुद्धि और विद्या का वरदान

 मां सरस्वती जयंती, पढ़ें देवी के  
 
 
माघ मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन मनाया जाता है। में यह पर्व 1 फरवरी, को मनाया जाएगा। इस दिन को माता सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।   
वसंत पंचमी मां सरस्वती को प्रसन्न करने का दिन है। मंद-मंद मुस्कुराती वीणावादिनी मां शारदा का स्वरूप जितना सौम्य है, उनके लिए जपे जाने वाले मंत्र उतने ही दिव्य हैं। इस दिन निम्न मंत्रों को पूर्ण श्रद्धापूर्वक पढ़ने से ज्ञान, विद्या, बल, बुद्धि और तेज की प्राप्ति होती है। 
 
1. 'ऎं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायां। सर्व विद्यां देही दापय-दापय स्वाहा।'

2. एकादशाक्षर सरस्वती मंत्र : ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः। 

3. 'वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ॥'
 
अर्थातः अक्षर, शब्द, अर्थ और छंद का ज्ञान देने वाली भगवती सरस्वती तथा मंगलकर्ता विनायक की मैं वंदना करता हूं।  - श्रीरामचरितमानस

4. 'सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:।
वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।' >
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