भारत में सक्रिय आतंकवादी संगठन

भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अल कायदा, लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद, बब्बर खालसा समेत 35 से अधिक आतंकवादी संगठनों को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाल रखा है। मुंबई में 26/11 का आतंकवादी हमला हो या फिर दिल्ली का, भारत के लिए आतंकवाद बड़ी समस्या बना हुआ है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही आतंकवादी संगठनों के बारे में, जिनका उद्देश्य सिर्फ देश में दहशत फैलाना है। हालांकि इनमें से कुछ निष्क्रिय हो चुके हैं, जबकि कुछ ने नए नाम से गतिविधियां शुरू की हैं....
जैश-ए-मोहम्म्द : एक पाकिस्तानी जिहादी संगठन है, जिसका एकमात्र उद्देश्य भारत से कश्मीर को अलग करना है। हालांकि यह संगठन अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के खिलाफ भी आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल समझा जाता है। इसकी स्थापना मसूद अजहर नामक पाकिस्तानी पंजाबी नेता ने मार्च 2000 में की थी। इसे भारत में हुए कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है और जनवरी 2002 में इसे पाकिस्तान की सरकार ने भी प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन जैश-ए-मुहम्मद ने अपना नाम बदलकर 'खुद्दाम उल-इस्लाम​' कर दिया। जानकार इसे एक 'मुख्य आतंकवादी संगठन' मानते हैं और यह भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल है।
 
दिसम्बर 1999 में एक अगवा विमान की उड़ान आईसी 814 के यात्रियों को बचाने के लिए मसूद अजहर और उसके अन्य साथियों को कंधार (अफगानिस्तान) ले जाकर छोड़ दिया गया था। तब यह जम्मू की कोट भलवल जेल में बंद था। 
    
मार्च 2000 में मौलाना मसूद अजहर ने हरकत-उल-मुजाहिदीन को बंटवाकर जैश-ए-मुहम्मद की स्थापना की थी और इसके बाद हरकत के अधिकतर सदस्य जैश में शामिल हो गए थे। माना जाता है कि दिसंबर 2001 में जैश ने लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर नई दिल्ली में भारतीय संसद पर आत्मघाती हमला किया।
 
इसी संगठन ने फरवरी 2002 में वॉल स्ट्रीय जर्नल के अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल को गर्दन काटकर मार दिया था। मई 2009 में जैश सदस्य होने का ढोंग कर रहे चार लोगों को एक अमेरिकी पुलिसकर्मी ने न्यूयॉर्क में एक सिनागोग (यहूदी पूजास्थल) उड़ाने और अमेरिकी सैनिक विमानों पर मिसाइल चलाने का षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।   
खूंखार लश्कर-ए-तैयबा के बारे में पढ़ें अगले पेज पर... 

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